धार भोजशाला को लेकर 1952 से बढ़ने लगा तनाव
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एएसआई सर्वे के आधार पर तय होगा भविष्य
याचिकाकर्ता का मानना है कि 98 दिनों के एएसआई सर्वे के आधार पर अब हाईकोर्ट भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय करेगा। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन नई दिल्ली और हाई कोर्ट के अभिभाषक विनय जोशी के साथ हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से याचिकाकर्ता आशीष गोयल उच्च न्यायालय इंदौर में सुनवाई के दौरान उपस्थित रहेंगे।
क्या है भोजशाला का इतिहास?
भोजशाला का इतिहास 11वीं शताब्दी से शुरू होता है। कहा जाता है कि यहां पर देवी सरस्वती का मंदिर था। 12वीं-13वीं सदी में इस मंदिर को तबाह कर दिया गया और इसी जगह पर एक मकबरा और उसके करीब मस्जिद का निर्माण हुआ।