भाजपा में टिकट वितरण के बाद बवाल मचा है। टिकट न मिलने से नाराज भाजपा कार्यकर्ता भोजराज सिंह जादौन ने भाजपा कार्यालय पहुंचकर खुद पर केरोसिन डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। कार्यकर्ताओं ने उसे बचाया।
पार्षद प्रत्याशियों की घोषणा के बाद से भाजपा में बवाल मचा हुआ है। संगठन के पदाधिकारी निशान पर हैं। कुछ वार्डों में बाहरी नेताओं को टिकट दिया गया है तो कुछ में गाइडलाइन का पालन नहीं हुआ। सक्रिय कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की गई। टिकट बेचने के आरोप लग रहे हैं। शनिवार को भाजपा कार्यालय में नया बवाल हो गया। यहां टिकट न मिलने से नाराज भाजपा कार्यकर्ता ने खुद पर केरोसिन डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। पास खड़े कार्यकर्ताओं ने उसे बचाया। काफी देर तक हंगामा होता रहा।
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कार्यालय में बैठकर विरोध जताते भाजपा कार्यकर्ता
- फोटो : सोशल मीडिया
जानकारी के मुताबिक वार्ड क्रमांक 25 के निवासी भोजराज सिंह जादौन टिकट मांग रहे थे। जिस वार्ड से टिकट मांग रहे थे वहां दूसरे वार्ड के निवासी नेता को टिकट दिया गया। इसका विरोध करने के लिए जादौन कुछ नेताओं के साथ भाजपा कार्यालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय में बैठकर नारेबाजी करते हुए विरोध जताया।
जिला महामंत्री से बात करते भाजपा कार्यकर्ता
- फोटो : सोशल मीडिया
साथ ही कहा कि टिकट वितरण में भाजपा की जो गाइडलाइन थी उसके आधार पर टिकट वितरित नहीं किए गए। कई वार्डो में भाजपा के जमीनी कार्यकर्ताओं को दरकिनार करते हुए अन्य दूसरे प्रत्याशियों को टिकट दिया गया। नाराज कार्यकर्ता भाजपा जिला महामंत्री मनीष सोलंकी से कहते रहे कि हमारी जिलाध्यक्ष राजीव खंडेलवाल से बात कराओ, लेकिन उन्होंने कह दिया कि वे बाहर हैं जबकि जिलाध्यक्ष भाजपा प्रत्याशी के साथ नामांकन रैली में थे। काफी देर तक बात हुई और बहस होती रही लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो जादौन ने खुद पर केरोसिन डाल लिया। वे माचिस से खुद को आग लगाने वाले थे कि पास खड़े लोगों ने माचिस छीनकर फेंक दी और जादौन पर पानी डाला। भोजराज सिंह जादौन ने आरोप लगाते हुए कहा कि रुपये लेकर टिकट बांटे गए हैं। जो वार्ड अनारक्षित थे वहां पिछड़ा वर्ग के लोगों को टिकट दिया गया। यह एक वार्ड की बात नहीं है अन्य वार्डों में भी यही स्थिति है। इसके लिए सीधे तौर पर जिलाध्यक्ष को दोषी ठहराया।