मध्य प्रदेश के दमोह जिले के फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर एन जॉन कैम उर्फ नरेंद्र विक्रमादित्य यादव पुलिस रिमांड पर है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपनी निजी जिंदगी और डिग्रियों को लेकर किए गए फर्जी को लेकर कई खुलासे किए हैं। आरोपी ने मेडिकल कम्युनिटी में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए विदेशी नाम रखा था। आरोपी एन जॉन कैम का दावा है कि उसकी एमबीबीएस की डिग्री असली है, जो उसने नार्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज से की थी। अब, पुलिस की टीम इसे लेकर जानकारी जुटा रही है। पूछताछ में आरोपी ने खुद को अविवाहित बताया है। उसने फर्जी दस्तावेज बनाने के लिए पत्नी और बच्चों के फेक नाम लिख थे।
दरअसल, दमोह जिले के मिशन अस्पताल में सात मरीजों की मौत के आरोपी डॉक्टर एन जॉन कैम उर्फ नरेंद्र विक्रमादित्य यादव को पुलिस ने प्रयागराज से गिरफ्तार किया था। मंगलवार को आरोपी फर्जी डॉक्टर डॉक्टर एन जॉन कैम को कोर्ट ने पांच दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया था। जिसके बाद से पुलिस की टीम उससे पूछताछ कर रही है। इस दौरान उसने कई खुलासे किए हैं। उधर, मामले की जांच करने दिल्ली से दमोह आई राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की टीम का काम भी पूरा हो गया है। बुधवार को आयोग की टीम वापस दिल्ली लौट गई है। बताया जा रहा है कि दिल्ली में मामले को लेकर एक प्रेसवार्ता कर सकती है, जिसमें जांच के बारे में जानकारी दी जाएगी।