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वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व: दमोह के बाघों ने रोके बंदूकों के लाइसेंस, 10 KM एरिया में बसे गांव हैं जद में

Sat, 26 Jul 2025 05:21 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

Veerangana Durgavati Tiger Reserve: टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. अब्दुल अंसारी ने कहा कि कोर एरिया से दस किलोमीटर की सीमा में बसे गांवों के निवासियों को अब शस्त्र लाइसेंस नहीं मिलेगा। जानें पूरा मामला...।
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बाघों ने रोके नए शस्त्रों के लाइसेंस - फोटो : अमर उजाला
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दमोह जिला प्रशासन ने एक बड़ा निर्णय लिया है। अब टाइगर रिजर्व के कोर एरिया से 10 किलोमीटर के दायरे में बसे ग्रामीणों को नया शस्त्र लाइसेंस नहीं मिलेगा।

 
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वन्यजीवों ने रोके नए शस्त्रों के लाइसेंस - फोटो : अमर उजाला
पुराने लाइसेंसों के नवीनीकरण पर भी रोक लगा दी गई है। यह निर्णय शुक्रवार को आयोजित समस्त विभागीय बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता कलेक्टर सुधीर कोचर ने की।
 
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बैठक में निर्देश देते कलेक्टर
शिकार पर अंकुश लगाने के लिए लिया गया फैसला
बैठक में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि कई ग्रामीण चोरी-छिपे टाइगर रिजर्व की सीमा में प्रवेश कर जाते हैं और शस्त्रों के सहारे वन्यजीवों का शिकार करते हैं, जिससे वन्यजीवों की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न होता है।
 

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बैठक में निर्देश देते कलेक्टर
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शस्त्र लाइसेंस न होने की स्थिति में ऐसे अवैध कृत्यों पर रोक लगेगी, जिससे दुर्लभ वन्य प्रजातियों की रक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।

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वन्यजीवों ने रोके नए शस्त्रों के लाइसेंस - फोटो : अमर उजाला
टाइगर रिजर्व का विस्तार और संवेदनशीलता
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है, जो दमोह, सागर और नरसिंहपुर जिलों में फैला हुआ है। पूर्व में यह क्षेत्र नौरादेही अभयारण्य के नाम से जाना जाता था।
 
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वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व - फोटो : अमर उजाला
हालिया सीमा विस्तार के बाद दमोह जिले का 58 हजार हेक्टेयर वन क्षेत्र भी इसमें सम्मिलित कर लिया गया है, जिससे दमोह अब इस रिजर्व का सबसे बड़ा हिस्सा बन गया है।
 
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वन्यजीवों ने रोके नए शस्त्रों के लाइसेंस - फोटो : अमर उजाला
वन्यजीवों की विविधता और संरक्षण की चुनौती
इस टाइगर रिजर्व में करीब 24 बाघों के अलावा तेंदुआ, भालू, भेड़िया, नीलगाय, चीतल, मगरमच्छ और कई अन्य प्रजातियों के जीव निवास करते हैं। इनमें कई शाकाहारी प्रजातियां दिन के समय मानवीय गतिविधियों के संपर्क में आ जाती हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर वन विभाग पर बड़ी जिम्मेदारी है।
 

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वन्यजीवों ने रोके नए शस्त्रों के लाइसेंस - फोटो : अमर उजाला
विशेष अनुमति पर ही मिलेगा शस्त्र लाइसेंस
टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. अब्दुल अंसारी ने कहा कि कोर एरिया से दस किलोमीटर की सीमा में बसे गांवों के निवासियों को अब शस्त्र लाइसेंस नहीं मिलेगा।
 

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वन्यजीवों ने रोके नए शस्त्रों के लाइसेंस - फोटो : अमर उजाला
विशेष परिस्थितियों में, यदि किसी को आत्मरक्षा अथवा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए शस्त्र की आवश्यकता होती है, तो उसे वन विभाग के उच्च अधिकारियों से अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा। बिना इस मंजूरी के शस्त्र लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा।

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वन्यजीवों ने रोके नए शस्त्रों के लाइसेंस - फोटो : अमर उजाला
पुराना नियम, लेकिन अब होगा सख्ती से पालन
दमोह डीएफओ ईश्वर दास जरांडे ने जानकारी दी कि यह नियम देश के सभी टाइगर रिजर्व, सेंचुरी और अभयारण्यों में लागू है। लेकिन अब इसे दमोह में विशेष रूप से सख्ती से लागू किया जाएगा, क्योंकि यहां का बड़ा क्षेत्र वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के अधीन आता है। उन्होंने बताया कि यह मुद्दा खुद रिजर्व के डीएफओ द्वारा बैठक में उठाया गया था, जिस पर कलेक्टर ने सहमति जताते हुए निर्देश जारी किए।
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