डॉ. पवन नंदूरकर, एसोसिएट प्रोफेसर।
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क्या है 'डायएथिलीन ग्लायकॉल'
छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर HOD डॉ. पवन नंदूरकर ने बताया कि रिसर्च में ऐसा पाया गया है 'कोल्ड सिरप' या 'कफ सिरप' बनाने के दौरान 'डायएथिलीन ग्लायकॉल' नाम के केमिकल के मिलाए जाने से इस तरह किडनी डैमेज के मामले सामने आते हैं। बैन किए गए Coldrif और Nextro-DS इन दो कफ सिरप में ये केमिकल था या नहीं ये तो जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पता चलेगा। फिलहाल इनकी बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
सिरप में केमिकल की संभावान क्यों?
डॉ. पवन नंदूरकर ने बताया कि वैसे तो किडनी डैमेज के कई कारण हो सकते हैं। पानी की खराबी, धातु का होना, जहरीला पदार्थ, डिहाईड्रेशन आदि के कारण भी किडनी डैमेज हो सकती है। अब क्योंकि अभी तक सामने आए मामलों में ये कफ सिरप कॉमन रही है। इस कारण Coldrif और Nextro-DS में 'डायएथिलीन ग्लायकॉल' केमिकल गड़बड़ी की संभावना जताई जा रही है।
पहले भी सामने आए मामले
डॉ. पवन नंदूरकर के अनुसार पहले भी इस तरह के मामले सामने आए हैं। तब रिसर्च यह पाया गया था कि किडनी डैमेज के मामलों के लिए 'एथिलीन ग्लाइकॉल' और 'डाइएथिलीन ग्लाइकॉल' केमिकल ही जिम्मेदार था।
केमिकल कहां होता है उपयोग
डॉ. पवन नंदूरकर का कहना है कि ज्यादातर कार के इंजन में डाले जाने वाले कूलेंट, पेंट्स या ग्रीस बनाने में इस केमिकल का उपयोग किया जाता है।
नमूने आ चुके हैं, जाँच चल रही
छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड में ड्रग्स कंट्रोल की संयुक्त निदेशक टीना यादव कहती हैं कि इससे जुड़े सभी नमूने आ चुके हैं। उनकी जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही हम किसी नतीजे पर पहुँच पाएंगे। उससे पहले, हम वरिष्ठ स्तर पर निवारक उपायों पर चर्चा कर रहे हैं ताकि यह तय किया जा सके कि क्या फ़ैसले लेने की ज़रूरत है। रिपोर्ट एक-दो दिन में आ जाएगी। सप्लाई सोर्स की जांच की तैयारी शुरू कर दी है, वहां स्टॉक है या नहीं, इसकी जाँच कर रहे हैं।
दवाओं के कारण मौतें हुईं कहना मुश्किल,रिपोर्ट का इंतजार
छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड में मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि लगभग 12 प्रकार की दवाओं के नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। अभी तीन नमूनों के परिणाम प्राप्त हुए हैं। रिपोर्ट में ऐसा कोई पदार्थ नहीं मिला है जिससे यह पता चले कि इन दवाओं के कारण मौतें हुई हैं। हालाँकि, शेष दवाओं की रिपोर्ट आज शाम तक आने की उम्मीद है। फिलहाल, नीरी और भारत सरकार अपनी प्रयोगशालाओं में भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि शाम तक अंतिम रिपोर्ट उपलब्ध हो जाएगी।