मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में लगातार दो दिनों की मूसलधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिले में अब तक 42.3 इंच बारिश दर्ज की गई, जो औसत से अधिक है।
विज्ञापन
1 of 7
छतरपुर में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
- फोटो : अमर उजाला
मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने करीब 30 से 35 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बीते दो दिनों में ही जिले में 22 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है। 1 जून से 18 जुलाई तक जिले में 42.3 इंच बारिश हो चुकी है, जो औसत आंकड़े के बराबर है। बिजावर में सबसे अधिक 44.9 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि बड़ामलहरा में 42 इंच, नौगांव में 36.5 इंच, गौरिहार 33.8 इंच, राजनगर 29.6 इंच, बकस्वाहा 24.4 इंच और लवकुशनगर में 22.9 इंच बारिश हुई है। बारिश के चलते जिले के लगभग सभी जलस्रोत लबालब हो चुके हैं, जबकि खेतों में पानी भर गया है और कई इलाकों में घरों में पानी घुस गया। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बारिश कई गुना अधिक हुई है।
विज्ञापन
2 of 7
छतरपुर में घरों में घुसा पानी
- फोटो : अमर उजाला
गुरुवार रात की बारिश से मचा हाहाकार
गुरुवार रात हुई मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर आ गईं और कई पुल-पुलियां बह गईं। प्रताप सागर तालाब के चौपाटी क्षेत्र की सभी सीढ़ियां जलमग्न हो गईं। खजुराहो क्षेत्र के कुटने डेम के गेट दस साल में पहली बार खोले गए, क्योंकि यह पहली बार पूरी तरह भर गया।
विज्ञापन
3 of 7
गांवों में पहुंची राहत टीमें
- फोटो : अमर उजाला
प्रशासन सतर्क, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस तैनात
कलेक्टर पार्थ जैसवाल और एसपी के निर्देश पर प्रशासनिक अमला और पुलिस बल संवेदनशील क्षेत्रों में पहुंच गया। नदियों और पुलों के आसपास लोगों को सचेत किया गया और लगातार निगरानी की जा रही है। छतरपुर विधायक ललिता यादव ने जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया और प्रशासन को तत्काल राहत व समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए।
4 of 7
जलभराव से हालात बिगड़े
- फोटो : अमर उजाला
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के सर्कुलेशन के मिलन से भारी बारिश हुई है। अब यह सिस्टम ग्वालियर की ओर बढ़ चुका है। विभाग ने 30 जुलाई तक मौसम साफ रहने की संभावना जताई है।
विज्ञापन
5 of 7
डैम के गेट खुले
- फोटो : अमर उजाला
डैम और नदियों की स्थिति
उर्मिल डैम: नौगांव में 24 घंटे में 5-8 इंच बारिश के बाद उर्मिल डैम के 7 गेट खोलने पड़े। लहचूरा बांध: 13 गेट खोलकर 2.55 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सिंहपुर-रनगुवां डेम: जलस्तर बढ़ने के कारण गेट खोले गए, विधायक ने निरीक्षण किया।
विज्ञापन
6 of 7
छतरपुर में रुक-रुककर कहर बरपा रही बारिश
- फोटो : अमर उजाला
बाढ़ और जान-माल का नुकसान
धामची गांव: उर्मिल नदी के उफान से गांव में पानी भर गया, ग्रामीण छतों पर चढ़ने को मजबूर।
नौगांव: सिंघाड़ी नदी में फंसे 6 लोगों को एसडीईआरएफ ने रेस्क्यू कर बचाया।
ओरछा रोड: नाले में बहने से युवक की मौत, शव शाम को मिला।
एंबुलेंस बहने की घटना: भोपाल से आई एंबुलेंस बह गई, चालक को ग्रामीणों ने बचाया।
बिजली गिरने से दो भैंसों की मौत: झमटुली गांव में घटना, ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग की।
प्रमुख मार्ग बंद, टोल प्लाजा डूबा
राजनगर-चंदला मार्ग, बछौन मार्ग, और कई अन्य रास्ते बंद हो गए हैं। उर्मिल नदी के जलस्तर के कारण लवकुशनगर का संजयनगर टोल प्लाजा और सरकारी कार्यालयों में भी जलभराव हो गया। भारी बारिश के मद्देनजर कलेक्टर ने 18 जुलाई को जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 1 से 12 तक अवकाश घोषित किया। धसान नदी के टापू पर फंसे 18 ग्रामीणों को प्रशासन ने नावों की मदद से सुरक्षित निकाला। शिवसागर तालाब लबालब हो गया, जिससे सैकड़ों लोग देखने पहुंचे।