दिल्ली से आए लोग
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छापेमारी कार्रवाई के दौरान हमारी बातचीत वहां काम करने वाले कर्मचारी और मजदूरों से हुई।उनका कहना था कि हमें नहीं मालूम क्या नकली कुछ असली और क्या ब्रांड है। साहब हम तो 400 रुपये रोज के (पुरुष कर्मचारी) मजदूर हैं। इसी से हमारा घर चलता था। आज की छापेमारी में हमारी दिहाड़ी मारी गई। अगर फैक्ट्री बंद सील हो गई तो हमारा तो काम चला जाएगा। हमें तो खाने के लाले पड़ जाएंगे, दिवाली भी आ रही है। वह वैसे भी नीरस होती थी। इस बार और भी नीरस होगी। जब पेट की आग बुझेगी, तब न दीवाली माना पाएंगे। घर में सब्जी को तेल हो जाये यही काफी है। दीवाली के दीपक तो उसके बाद की बात है।
क्या है पूरा मामला
किसान इरिगेशंस एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के लीगल एडवाइज़र नवकार एसोसिएट्स अधिवक्ता नम्रता जैन, विजय सोनी और पारस जोशी द्वारा बताया गया कि नकल कर रही पाइप की कंपनी पर सोमवार को बड़ी कार्रवाई की गई है। कंपनी को लगातार शिकायत मिल रही थी कि छतरपुर में नकली पाइप निर्माता कृष्णा इंडस्ट्रीज कंपनी द्वारा एटीएस किसान के नाम से नकली पाइप मार्केट में बेचे जा रहे हैं, जो की हूबहू प्रसिद्ध कंपनी किसान इरिगेशंस एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के ब्रांड किसान की तरह ही दिखता है। जो किसान इरिगेशंस एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के रजिस्टर्ड व्यापार चिन्ह और रजिस्टर्ड कॉपीराइट स्टाइल का उल्लंघन है।
इसके बाद किसान इरिगेशंस एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड द्वारा दिल्ली वाणिज्यिक न्यायालय में नवकार एसोसिएट्स की अधिवक्ता नम्रता जैन, विजय सोनी द्वारा वाद दायर किया गया था, जिस पर दिल्ली कोर्ट के द्वारा नियुक्त लोकल कमिश्नर अमन शर्मा ने ओरछा थाना पुलिस के सहयोग से कंपनी के परिसर में पहुंच कर कार्रवाई कर कई पाइप जब्त किये। उक्त कार्रवाई के दौरान किसान कंपनी के एमपी हेड एसपी सिंह भी मौजूद रहे। कार्रवाई में पाया गया कि वहां पर किसान इरिगेशंस एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के रजिस्टर्ड व्यापार चिन्ह और रजिस्टर्ड कॉपीराइट का उल्लंघन कर एटीएस किसान के नाम से पाइप बेचे जा रहे हैं, जिसे लोकल कमिश्नर अमन शर्मा के द्वारा सर्च एंड सीज़र कर माल सील किया गया है।