जर्जर भवन
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निमानी के ग्रामीण, जिनमें सरिया अहिरवार, गणेश लोधी, रज्जू आदिवासी, खिलन आदिवासी और लखन लोधी जैसे प्रमुख लोग शामिल हैं। इस बात पर खेद जताते हैं कि उनके गांव में जहां हीरे जैसी अनमोल धरोहर मिलती है। वहीं, सार्वजनिक कार्य के लिए एक भी सामुदायिक भवन उपलब्ध नहीं है। इन ग्रामीणों का कहना है कि जब भी गांव में कोई बड़ा सामाजिक या धार्मिक कार्यक्रम होता है तो स्थान की कमी के कारण उन्हें अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
इस संदर्भ में गांव के परमा अहिरवार की बेटी क्रांति अहिरवार की शादी का उल्लेख किया जा सकता है। जब अचानक हुई बारिश ने उनके द्वारा किए गए सभी इंतजामों को ध्वस्त कर दिया। उस समय गांववालों ने मिलकर स्कूल प्रांगण में विवाह संपन्न कराया। लेकिन यह घटना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि निमानी में एक सामुदायिक भवन कितना जरूरी है।