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MP: छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना पर बवाल, ग्रामीणों का जनसंग्राम, दूसरे दिन भी काम ठप

Wed, 08 Apr 2026 02:41 PM IST
छतरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला,छतरपुर

सार

मध्य प्रदेश के छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। आदिवासी, किसान और ग्रामीण ढोढन बांध स्थल पर धरने पर बैठकर निर्माण कार्य रुकवा रहे हैं। प्रशासन द्वारा दिल्ली जाने से रोकने के बाद आंदोलन और उग्र हो गया है।
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ढोढन बांध स्थल पर उग्र हुआ आंदोलन - फोटो : अमर उजाला
सूखे बुंदेलखंड की प्यास बुझाने के इरादे से शुरू हुई 44 हजार करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी 'केन-बेतवा लिंक परियोजना' अब भारी विरोध के भंवर में फंस गई है। विस्थापन और अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच कर रहे आदिवासी, किसानों और ग्रामीणों को जब प्रशासन ने रास्ते में रोका, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। उग्र हुए ग्रामीणों ने सीधे बांध निर्माण स्थल पर ही मोर्चा खोल दिया है, जिसके कारण पिछले दो दिनों से परियोजना का काम पूरी तरह बंद पड़ा है।
 
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प्रदर्शन करती महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
मशीनों के आगे डटे ग्रामीण, काम कराया बंद
बिजावर अनुविभाग के अंतर्गत आने वाले ढोढन बांध स्थल पर हजारों की संख्या में आदिवासी, किसान और महिलाएं धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारियों का आक्रोश इतना अधिक था कि उन्होंने मौके पर चल रही भारी मशीनों के सामने खड़े होकर काम रुकवा दिया। इस आंदोलन की सबसे खास बात महिलाओं की भारी भागीदारी है, जो हाथों में तख्तियां लेकर "जल, जंगल और जमीन" को बचाने के लिए हुंकार भर रही हैं।

5 अप्रैल से शुरू हुई 'आर-पार' की लड़ाई
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे समाजसेवी अमित भटनागर ने बताया कि आदिवासी महिलाएं 5 अप्रैल से ही बांध स्थल पर डेरा डाले हुए हैं। उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आंदोलनकारियों को अपनी आवाज उठाने के लिए दिल्ली जाने से रोका गया। भटनागर के अनुसार, रास्ते में ग्रामीणों को प्रताड़ित किया गया और उनका राशन तक छीन लिया गया। उन्होंने दो टूक कहा, "यह अब केवल विरोध नहीं, बल्कि हमारे अस्तित्व की लड़ाई है। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, निर्माण कार्य शुरू नहीं होने देंगे।"
 
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प्रदर्शनकारियों से बात करते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
क्या है विवाद की मुख्य वजह?

विरोध का केंद्र केन नदी पर बनने वाला ढोढन बांध है, जिसकी ऊंचाई 77 मीटर और लंबाई 213 किलोमीटर प्रस्तावित है।

परियोजना का स्वरूप: इसमें केन और बेतवा नदियों को जोड़ने के लिए 221 किमी लंबी नहर और 2 किमी की टनल का निर्माण होना है।

चिंता का विषय: चूंकि निर्माण कार्य पन्ना नेशनल पार्क के 'कोर क्षेत्र' के पास हो रहा है, इसलिए पर्यावरण को होने वाले नुकसान और बड़े स्तर पर होने वाले विस्थापन को लेकर ग्रामीण डरे हुए हैं।

प्रशासन की कोशिशें नाकाम, पुलिस बल तैनात
बिगड़ते हालातों को देखते हुए सटई तहसील के तहसीलदार इंद्र कुमार गौतम ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। हालांकि, ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे और बातचीत बेनतीजा रही। तहसीलदार का कहना है कि प्रशासन लगातार संवाद कर रहा है और जल्द ही कोई बीच का रास्ता निकालने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल, बांध स्थल पर तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि बिना न्याय मिले वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
 
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