जब परिजन अंतिम यात्रा लेकर निकले तो उन्हें शमशान घाट का रास्ता बंद मिला। मृतक को परिजनों ने शमशान घाट तक जाने वाले रास्ते को खोलने की गुहार लगाई तो किसी ने एक न सुनी। परेशान होकर अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने अर्थी को बीच सड़क में रखा और प्रशासन से गुहार लगाई।
छतरपुर जिले में शमशानघाट तक जाने वाले रास्ते पर दंबगों ने कब्जा कर लिया है, जिसके चलते यहां से निकलने वाली अंतिम यात्रा में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक बकस्वाहा थाना अंतर्गत बम्होरी चौकी के घोघरी गांव में सात अगस्त को सुकलाल पिता प्यारेलाल लोधी का निधन हो गया, दूसरे दिन सुबह जब परिजन अंतिम यात्रा लेकर निकले तो उन्हें शमशान घाट का रास्ता बंद मिला। मृतक को परिजनों ने शमशान घाट तक जाने वाले रास्ते को खोलने की गुहार लगाई तो किसी ने एक न सुनी। परेशान होकर अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने अर्थी को बीच सड़क में रखा और प्रशासन से गुहार लगाई।
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दबंगों ने रास्ते पर कब्जा कर उसे बंद कर रखा था।
- फोटो : अमर उजाला
मामले की गंभीरता को देखते हुए बक्स्वाहा तहसीलदार तत्काल अमले के साथ मौके पर पहुंचे। शमशान घाट वाले रास्ते पर गांव के ही मुन्ना उर्फ बलराम पिता लक्ष्मण लोधी व परमा पिता दौलत चमार और काशीबाई पत्नी बाबू चमार ने रास्ते पर अतिक्रमण कर उसे बंद कर दिया था। मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने तत्काल प्रभाव से शमशान घाट के रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराया और अतिक्रमणकारियों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
बता दें कि कुछ समय पहले भी शमशान घाट के रास्ते पर दंबगों ने कब्जा कर लिया था, तब भी प्रशासन ने इसे खुलवाया था, वहीं कुछ समय बाद दबंगों ने फिर इस पर कब्जा कर लिया है।
रास्ता खुलने के बाद निकली शवयात्रा
- फोटो : अमर उजाला
तहसीलदार झामसिंग इरकिरा ने बताया कि सुबह 9:30 बजे मुझे सूचना मिली थी की घोघरी गांव में कुछ लोग शमशान घाट के रास्ते पर अतिक्रमण किए हुए हैं, जिससे शवयात्रा ले जाने में दिक्कत हो रही है और शव रास्ते में रखा हुआ है। मैनें मौके पर पहुंचकर तुरंत शमशान घाट के रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराया वहीं, आगे से रास्ते को खुला रखने की हिदायत दी।