Shivmahapuran in Bhopal: पंडित प्रदीप मिश्रा ने ऐसे वृक्षों से बेल पत्र तोड़ने को कहा जो बहुत ऊंचे और बड़े हों। साथ ही वृक्षों की डालियां नहीं केवल वह बेल पत्र ही तोड़ें। छोटे पेड़ों से बेल पत्र तोड़कर शिवजी को कतई ना चढ़ाएं इससे शिव नाराज हो जाते हैं।
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शिवमहापुराण कथा के समापन दिवस पर सीएम शिवराज ने उपस्थिति दर्ज कराई।
- फोटो : सोशल मीडिया
राजधानी भोपाल में चल रही शिवमहापुराण कथा के अंतिम दिन लाखों भक्त पहुंचे। बुधवार को दावा किया गया कि दस लाख लोगों ने उपस्थिति दर्ज कराई है। वहीं प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान भी कथा पंडाल में पहुंचे और पं. प्रदीप मिश्रा से आशीर्वाद लिया। तीखे तेवर के साथ मंच पर पहुंचे सीएम शिवराज ने कहा है कि प्रदेश की बहन-बेटी पर कोई कोई गलत दृष्टि डालेगा तो उसे फांसी के फंदे पर चढ़ा दिया जाएगा।
भोपाल में स्व. कैलाश प्रसून सारंग की स्मृति में पांच दिवसीय शिवमहापुराण आयोजित की जा रही है। मुख्यमंत्री शिवराज ने शिवमहिमा को अपरंपार बताते हुए महिला संरक्षण पर बल दिया| उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश में किसी भी बहन-बेटी पर कोई गलत दृष्टि डालेगा तो उसे फॉसी के फंदे पर चढ़ा दिया जायेगा। प्रदेश में हमने ऐसा कानून बनाया है। उन्होंने कहा कि राजनीति से लेकर अन्य क्षेत्रों में महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए 50 प्रतिशत महिला आरक्षण कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश की भी शराब दुकान के आस-पास कोई आहता संचालित नहीं होगा। हुक्का लाउंज बार भी पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने मातृ-पितृ भक्ति की एक बड़ी मिसाल पेश की है जिसमें उन्होंने महाशिवपुराण कथा करायी जिससे सुनने लाखों श्रद्धालु जुटे।
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पं. प्रदीप मिश्रा
- फोटो : सोशल मीडिया
कभी-कभी अपनी भक्ति की भी जांच करा लिया करो
पंडित प्रदीप मिश्रा ने भक्तों को शिव भक्ति का मार्ग सुझाया। उन्होंने कहा कि जिस तरह मनुष्य अपने शरीर में किसी तरह के रोग की जानकारी के लिए रक्त की जांच कराता है उसी तरह अपने हृदय में भक्ति की जांच भी करा लिया करें। इससे शिव भक्ति प्रबल होगी और तुम्हारा जीवन सुख-शांतिमय बन जाएगा। उन्होंने कहा कि मनुष्य के रक्त की जांच किसी डॉक्टर द्वारा चिकित्सालय में होती है, लेकिन भक्ति की जांच के लिए हमें किसी गुरु की शरण में जाना होता है और महाशिवपुराण की कथा में भाग लेना होता है। पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया कि एक कवि और एक कथाकार में बहुत बड़ा अंतर होता है। कवि अपनी वाणी और शब्दों से जनसमुदाय को रिझाता है, जबकि कथाकार भगवान शिव की कथा सुनाकर भगवान शंकर को रिझाता है और सबको उनके चरणों तक ले जाता है। पंडित मिश्रा ने महाशिवपुराण का विशेष महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि मनुष्य द्वारा किए जाने वाले सतकर्मो से एक-दो पीढ़ियां ही तर सकती हैं लेकिन महाशिवपुराण की कथा से 71 पीढ़ियां तर जाती हैं।
वृक्ष से बेल पत्र ही तोड़ें, डालियां नहीं
पंडित प्रदीप मिश्रा ने ऐसे वृक्षों से बेल पत्र तोड़ने को कहा जो बहुत ऊंचे और बड़े हों। साथ ही वृक्षों की डालियां नहीं केवल वह बेल पत्र ही तोड़ें। छोटे पेड़ों से बेल पत्र तोड़कर शिवजी को कतई ना चढ़ाएं इससे शिव नाराज हो जाते हैं। जीवन में वृक्ष जरूर लगाएं हो सके तो किसी सड़क के किनारे बेल पत्र का पेड़ अवश्य लगाएं। उन्होंने बताया कि बेल वृक्ष की छांव पड़ने से ही मनुष्य का कल्याण हो जाता है।
शिवमहापुराण के अंतिम दिन दस लाख लोगों के आने का दावा किया गया।
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दस लाख लोगों के आने का दावा
महाशिवपुराण की कथा सुनने बुधवार को दावा किया गया कि तकरीबन 10 लाख श्रद्धालुओं ने कथा का अमृत पान किया। व्यासपीठ पूजन व आरती में मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, संगठन महामंत्री श्री हितानंद शर्मा, महामंत्री भगवानदास सबनानी, पूर्व सांसद-आलोक संजर, बीडीए उपाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, सावन सोनकर सहित बड़ी गणमान्यजनों ने भाग लिया। पांच दिवसीय महाशिवपुराण कथा के समापन अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने व्यासपीठ को प्रणाम करते हुए भोपालवासियों का और लाखों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। सारंग ने भावुक होकर व्यासपीठ एवं सभी श्रद्धालुओं से जाने-अनजाने हुई किसी तरह की त्रुटि के लिए क्षमा मांगी।