कलेक्टर्स-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस-2025 के आठवें और अंतिम सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जन सुरक्षा सुनिश्चित करने को प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि कलेक्टर्स जिले के प्रशासनिक प्रमुख होने के साथ-साथ जिला दण्डाधिकारी भी हैं, इसलिए किसी भी घटना या दुर्घटना की सूचना तुरंत प्राप्त कर मौके पर पहुंचने की जिम्मेदारी भी उनकी है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षक से कहा कि वे अपने जिलों में प्रभावी सूचना तंत्र विकसित करें और उच्च कोटि का तालमेल बनाकर अपराध नियंत्रण और सुरक्षा सुनिश्चित करें। सीएम ने प्रदेश में मादक पदार्थों की बिक्री के साथ ही नशे के रूप में उपयोग किए जाने वाले सिरप की अवैध बिक्री पर नियंत्रण के लिए पड़ोसी राज्यों संग तालमेल बनाकर कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स एवं एसपी से कहा कि हमारा प्रदेश निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। कलेक्टर और एसपी तथा सभी मैदानी अधिकारी राज्य शासन के प्रतिनिधि के रूप में ही जिलों में तैनात हैं। आप जैसा काम करेंगे, शासन की छवि भी वैसी ही निर्मित होगी। आम जनता के जीवन स्तर को बेहतर से बेहतर बनाना हमारा सामूहिक लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि शासन ने जो लक्ष्य तय किए हैं, वह मैदानी अधिकारियों की मेहनत एवं प्रतिबद्धता से हम अवश्य प्राप्त करेंगे। सत्र के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि शासन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में प्रदेश के मैदानी अधिकारी अपनी मेहनत, निष्ठा और प्रतिबद्धता से महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।