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MP News: सीएम बोले- केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 41 से बढ़ाकर 48 फीसदी करें, राज्य मजबूत होंगे

Thu, 06 Mar 2025 05:50 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश

सार

 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 16वें केंद्रीय वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों के साथ गुरुवार को बैठक की। इसमें राज्य की भावी वित्तीय आवश्यकताओं पर चर्चा की गई और आयोग को मांग पत्र भी सौंपा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण विकसित मध्य प्रदेश के बिना नहीं हो सकता, इसलिए केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत से बढ़ाकर 48 प्रतिशत तक की जाए। इससे राज्य मजबूत होंगे और राष्ट्र को विकास की ले जाने में सहायक होंगे।
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सीएम ने वित्त आयोग के सदस्यों के साथ की बैठक - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के साथ बैठक की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश एक बड़ा राज्य है, इसलिए इसकी जरूरतें भी बड़ी हैं। सबके कल्याण के जरिए एक समतामूलक समाज और लोक कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना ही केंद्र और राज्य सरकारों का एकमेव लक्ष्य है। केन्द्र और राज्यों के बेहतर तालमेल और आपसी सामंजस्य से ही यह लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। राज्यों की मजबूती में ही राष्ट्र की मजबूती है, इसलिए केन्द्रीय करों और राजस्व प्राप्तियों में राज्यों की हिस्सेदारी यानी अनुदान बढ़ाया ही जाना चाहिए। राज्य अपनी क्षमता और सीमित संसाधनों से ही अपने लक्ष्यों की पूर्ति के लिए पूरी शिद्दत से काम करते हैं। केन्द्र सरकार से अधिक वित्तीय अनुदान मिलने से राज्य अपने दीर्घकालीन लक्ष्यों को अल्पकाल में ही प्राप्त कर सकेंगे।

 
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कुशाभाऊ सभागार में सीएम की वित्त आयोग के सदस्यों के साथ बैठक - फोटो : अमर उजाला
बजट को बढ़ाकर दोगुना करेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का सर्वाधिक प्रगतिशील राज्य है। प्रदेश कृषि, अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन, पर्यटन, नगरीय विकास और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन क्षेत्रों में और अधिक विकास के लिए केंद्र सरकार से मजबूत वित्तीय सहयोग/अनुदान की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत में मध्य प्रदेश को भी योगदान देना है। हम विकसित मध्य प्रदेश का संकल्प पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि अभी हमारा बजट करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये है। अगले पांच सालों में हम इसे बढ़ाकर दोगुना कर देंगे।

 
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कुशाभाऊ ठाकरे हॉल में वित्त आयोग के सदस्य - फोटो : अमर उजाला
हर जिले में उद्योग प्रकोष्ठ बना रहें
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी 18 नई औद्योगिक नीतियों के कारण निवेशक भी हमसे जुड़ रहे हैं। आरआईसी और जीआईएस के जरिए प्रदेश को 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। यह हम पर बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। हम हर जिला कलेक्ट्रेट में उद्योग प्रकोष्ठ बना रहे हैं, इससे किसी भी निवेशक को जिला स्तर पर भी कठिनाई नहीं आएगी। हम प्रदेश में व्यापार और व्यवसाय को सुगम बना रहे हैं। इसमें हम सभी का सहयोग भी लेंगे।

युवा शक्ति की ऊर्जा का भरपूर उपयोग कर रहे
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रदेश में हरसंभव तरीके से दूध उत्पादन को बढ़ावा देंगे। हमारी कोशिश है कि देश का 20 प्रतिशत से अधिक दूध मध्यप्रदेश में उत्पादित हो, इससे हमारे किसान और पशुपालक दोनों संपन्न होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति की ऊर्जा का भरपूर उपयोग भी हम कर रहे हैं। पंचशील सिद्धांतों का पालन करते हुए जन, जल, जंगल, जमीन और जैविक विविधता का संरक्षण हमारा प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि जंगल बचेंगे, तो जल बचेगा और जल बचेगा, तो जन-जीवन बचेगा। हम जैविक संपदा को संरक्षित रखने के लिए भी हर जरूरी प्रयास कर रहे हैं।

सरकार ने वित्त आयोग को मेमोरेंडम की प्रति सौंपी
बैठक में मुख्यमंत्री ने आयोग के समक्ष प्रदेश के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए आवश्यक वित्तीय सहयोग की मांग रखते हुए राज्य सरकार की विशेष प्राथमिकताओं को भी पृथक से रेखांकित किया। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से वित्त आयोग को मेमोरेंडम की प्रति भी सौंपी। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और वित्तीय सहयोग की जरूरतों का विस्तार से उल्लेख किया गया है। मुख्यमंत्री ने आयोग को राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की भावी योजनाओं की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों को प्रतीक चिन्ह भी भेंट किए।
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