सीएम मोहन यादव जर्मनी पहुंच गए।
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उन्होंने कहा कि जर्मनी में काम के अनेक अवसर तो हैं, लेकिन भाषाई चुनौती भी है। इसको दूर करने के लिए हम मध्य प्रदेश लैग्वेंज इंस्टीट्यूट खोलने की योजना बना रहे हैं, जिससे रोजगार के अवसरों के लिए भाषा चुनौती नहीं बनें और मध्य प्रदेश तथा जर्मनी के अधिकारियों के मध्य समन्वय के साथ भाषाई सहजता से काम हो सके। और हमारे युवाओं को भाषा की समस्याओं का सामना न करना पड़े और वे जर्मनी में रोजगार की संभावनाओं का लाभ उठा सकें।
वैश्विक समिट में जर्मन कंपनियों को आमंत्रण
सीएम ने जर्मन उद्योगपतियों को मध्य प्रदेश में होने वाली आगामी वैश्विक समिट में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि हम दोनों देशों के अधिकारियों के बीच तकनीकी सहयोग में आने वाली बाधाओं को दूर करने का प्रयास करेंगे। जर्मनी और मध्य प्रदेश का आपसी सहयोग औद्योगिक क्रांति के नए द्वार खोलने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में जर्मन एक्सपर्ट्स आएंगे, साथ ही टेक्नोलॉजी भी उपलब्ध कराएंगे। दोनों देश आपसी समन्वय से मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास के नए आयाम स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि जर्मनी के टेक्नीकल स्टाफ के माध्यम से इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक, आईटीआई जैसे टेक्नीकल क्षेत्र में हमारे उद्योगपति लाभ ले सकेंगे। खासकर ऑटोमोबाइल क्षेत्र में जर्मन टेक्नोलॉजी उन्नत स्तर की है। उन्होंने कहा कि हम जानते है कि इसमें कई चुनौतियां भी सामने आएंगी।