मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में शनिवार को रीजनल इंवेस्टर्स समिट में 31 हजार 800 करोड़ रुपए का निवेश आया। इससे हजारों रोजगार के अवसर बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम के दौरान नर्मदापुरम में MPIDC का क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदापुरम में आयोजित 6वें "Regional Industry Conclave" का उद्घाटन करते हुए निवेश की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों को और बल दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 82 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया, जिनमें ₹2,585 करोड़ से अधिक का निवेश होगा और करीब 5,700 नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में स्थापित होने वाली इन औद्योगिक इकाइयों के उद्यमियों से संवाद करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन राज्य के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और इन इकाइयों के संचालन से मध्य प्रदेश के समग्र आर्थिक विकास में तेजी आएगी।
प्रोत्साहन के रूप में वित्तीय सहायता की घोषणा
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1200 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को प्रोत्साहन के तौर पर ₹367 करोड़ की वित्तीय सहायता भी प्रदान की। मुख्यमंत्री ने इस वित्तीय सहायता को प्रदेश के छोटे और मझोले उद्योगों के लिए एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि इससे इन इकाइयों को मजबूत होने का अवसर मिलेगा और राज्य में औद्योगिक माहौल और भी अधिक प्रोत्साहित होगा।
राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों का असर
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियां न केवल निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न कर रही हैं। उन्होंने नर्मदापुरम सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक विकास की गति को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जाने की बात कही। इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग जैन, उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र सिंह, राज्यसभा सांसद माया नारोलिया और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नई औद्योगिक इकाइयों से न केवल स्थानीय रोजगार का सृजन होगा, बल्कि राज्य को देश और दुनिया के औद्योगिक मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान प्राप्त होगा। उन्होंने राज्य में औद्योगिक विकास को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, निवेशकों से मध्य प्रदेश में अपना निवेश बढ़ाने का आग्रह किया।
सम्पूर्ण प्रदेश में औद्योगिक विकास का मार्ग प्रशस्त
सीएम डॉ. यादव ने यह भी कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे और भी सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक निवेशक प्रदेश की समृद्धि में योगदान दे सकें। उन्होंने नर्मदापुरम को औद्योगिक विकास के एक नए केंद्र के रूप में उभरते हुए देखा, जहां प्रदेश के हर जिले को औद्योगिक विकास के लाभ मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदापुरम में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) के दौरान निवेशकों और उद्योग जगत के प्रमुख लीडर्स के साथ वन-ऑन-वन मीटिंग्स की और नर्मदापुरम संभाग में निवेश के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने राज्य सरकार के उद्योग-अनुकूल नीतियों और प्रोत्साहनों के बारे में जानकारी देते हुए निवेशकों को मध्य प्रदेश में नि:संकोच निवेश के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री ने नवकरणीय ऊर्जा, कृषि व्यवसाय, वस्त्र उद्योग, स्वास्थ्य सेवा और आईटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश के अवसरों को साझा किया और इन क्षेत्रों में साझेदारी के लिए उद्योगपतियों को आमंत्रित किया। बैठक में वर्द्धमान ग्रुप, ट्राइडेंट लिमिटेड, शक्ति पंप इंडिया, सागर सीमेंट, विश्वराज समूह, नर्मदा शुगर्स प्राइवेट लिमिटेड, और अन्य प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश में उद्योगों, स्टार्ट-अप्स और नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और नर्मदापुरम जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा। निवेशकों ने राज्य सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए मध्य प्रदेश में निवेश करने की इच्छा जताई। इस दौरान सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप और मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन भी मौजूद थे।