धार में संबोधित करते सीएम मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
प्राचीन गौरव को वापस लौटाने का प्रयास
दरअसल जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत गंगा दशहरा के पावन अवसर पर प्रदेशव्याशपी जनसहभागिता कार्यक्रम धार शहर के मोतीबाक चौक में आयोजित किया गया था। तय कार्यक्रम से सीएम यादव कुछ देरी से पहुंचे, हैलिपेड पर डॉ. यादव का स्वागत प्रशासनिक अमले सहित जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया। हैलिपेड पर याचिकाकर्ता व हिंदू फॉर जस्टिस के आशीष गोयल सहित अभिभाषकों ने भी मुलाकात की। कार्यक्रम में शामिल होने के पहले मुख्यमंत्री यादव भोजशाला पहुंचे थे। यहां पर भोज उत्सीव समिति की और से सीएम यादव सहित सभी वरिष्ठत नेताओं का स्वागत किया गया।
पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि भोजशाला राजा भोज के काल से ही शिक्षा, कला, साहित्य और सनातन चेतना का एक महान विश्वविद्यालय रही है। भोजशाला सिर्फ पत्थरों का ढांचा या कोई साधारण स्मारक नहीं है, बल्कि यह हमारी सदियों पुरानी जीवंत संस्कृति, विद्वता और करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। मां वाग्देवी की कृपा से यह भूमि सदैव ज्ञान के प्रकाश से आलोकित रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में विकास कार्यों के साथ-साथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना का भी अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है। वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश की सभी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासतों के मूल स्वरूप के संरक्षण और उनके प्राचीन गौरव को वापस लौटाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आने वाली पीढ़ियां हमारे गौरवशाली इतिहास पर गर्व कर सकें, इसके लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
ये भी पढ़ें-
एमपी में बदली बकरीद की सरकारी छुट्टी: अब 28 मई को बंद रहेंगे सरकारी दफ्तर और बैंक, शासन ने जारी किए नए आदेश