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जनकपुर से अयोध्याधाम पहुंची 'रिश्तों की बस' तो ऐसा रहा माहौल, योगी बोले- ये ऐतिहासिक पल, तस्वीरें

Sat, 12 May 2018 10:25 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
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 समधियाने से शनिवार सुबह रिश्तों की बस आई तो अयोध्या चहक उठीं। अगवानी कर रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाराज दशरथ और जनक के संबंधों का साक्षी बनने का अवसर मिला है। जनकपुर से अयोध्याधाम,  पशुपतिनाथ से काशी विश्वनाथ, मुक्तिनाथ समेत अनेक कड़ियां संबंधों को जोड़ती है, जो राजनीतिक संबंधों से और मजबूत होती है। जब मुख्यमंत्री स्वागत कर थे तो सिया-राम की झांकी संग ढोल-नगाड़े पर अयोध्यावासी भी थिरकते दिखे। चारों तरफ ऐसा उल्लास था। दो बसों में यात्रियों संग आए नेपाल के प्रदेश नबंर दो के दो मंत्रियों सरोज कुशवाहा, उषा यादव व जनकपुर की उपमहापौर गीता कुमारी मिश्रा ने कहा कि वे स्वागत से अभिभूत हैं.. एक बार फिर रामायणकालीन संबंध पुनर्जीवित हुए हैं। जब तक संसार रहेगा तब तक नेपाल-भारत संबंध बना रहेगा।
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जनकपुर से अयोध्या तक सीधी बस सेवा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। अयोध्या में इसकी अगवानी करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तमाम मंत्रियों व अफसरों के साथ पहुंचे। 10 घंटे के सफर के बाद दो एसी बसों में सवार नेपाल के दो मंत्रियों समेत कुल 66 यात्री सुबह ठीक 8:50 बजे रामकथा पार्क पहुंचे। नया घाट से ही बस के आगे जनकपुर की झांकी तो पीछे अयोध्या की थीम पर सजी झांकी में कलाकार लोगों को बरबस ही मंत्रमुग्ध कर रहे थे। ढोल-नगाड़े के बीच हर कोई समधियाने आए रिश्तेदारों के स्वागत में पलक पांवड़े बिछाए दिखा। (बस सेवा का स्वागत करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।)
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ठीक 9:12 बजे रामकथा पार्क पहुंचे, जहां नेपाल से आए मंत्रियों समेत सभी 66 यात्रियों का नेपाली भाषा में अनुवादित रामचरित मानस व अंगवस्त्र देकर स्वागत-सत्कार किया। मुख्यमंत्री ने कुशल-क्षेम भी पूछी। नेपाल व भारत के हजारों साल पुराने सांस्कृतिक रिश्तों पर वहां के मंत्रियों से बातचीत की। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री सतीश महाना, पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, प्रमुख सचिव पर्यटन एके अवस्थी, परिवहन आयुक्त पी गुरुप्रसाद, कमिश्नर मनोज मिश्र, डीआईजी ओंकार सिंह, डीएम अनिल पाठक ने जनकपुर से आए मंत्रियों व यात्रियों की हाल-चाल पूछे। (सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ सेल्फी लेते नेपाल से आए यात्री।)

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महापुरुषों की श्रेणी में आ गए मोदी: सरोज कुशवाहा
नेपाल से आए सुरक्षा मंत्री सरोज कुशवाहा ने कहा कि नेपाल के जनकपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक स्वागत हुआ, उन्हें देखने व सुनने के लिए लाखों लोग आए। उनके ही प्रयास से नए धार्मिक रिश्तों की शुरूआत हुई है, इससे वो महापुरुषों की श्रेणी में आ गए हैं। बताया कि दो बसों में एक में 34 तो दूसरे में 32 कुल 66 यात्रियों के साथ हम सब अयोध्या आए हैं। आज फिर से रामायणकालीन अयोध्या का संबंध पुनर्जीवन प्राप्त किया है। बस सेवा राम-सिया के अटूट रिश्ते की तरह चलेगी। दिक्कतों पर दोनों देश व संबंधित प्रदेश मिलकर समाधान निकालेंगें। हमारा 10 घंटे का सफर कब बीत गया, पता नहीं चला। रास्ते में बिहार व यूपी सरकार समेत लोगों ने खूब स्वागत किया। जनकपुर की उपमहापौर गीता कुमारी मिश्रा ने कहा कि सभी यात्री अयोध्या आकर खुश हैं। यहां भी जनकपुर की तरह राममंदिर का भव्य निर्माण प्रतीक्षित है। (अयोध्या पहुंची बस का इस तरह स्वागत किया गया।)
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अयोध्या - फोटो : amar ujala
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, भारत और नेपाल के बीच शुरू हुई बस सेवा ऐतिहासिक क्षण है। जनकपुर-अयोध्या को, काशी-वाराणसी को काठमांडू के साथ बस सेवा से सीधे जोड़ा जाए यह बात आजतक किसी ने नहीं सोची। यह केवल मोदी जी के समय में ही संभव हो पाया है। इसके लिए हम प्रधानमंत्री जी का अभिनंदन करते हैं। जब भगवान राम जनकपुर गए थे, उस समय की परिस्थितियां कैसे रहीं होंगी और हजारों वर्षों के बाद जब जनकपुर  से अयोध्या बस सेवा शुरू हुई तो आज की परिस्थितियों में कितना अंतर आया है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या-जनकपुर सीधी बस सेवा के लिए पहले नेपाल और भारत के पीएम का आभार व्यक्त करता हूं। भारत-नेपाल के संबंधों को प्रधानमंत्री जी ने नया आयाम दिया है। हमें खुशी है कि सांस्कृतिक संबंधों की एक नई कड़ी आज से शुरू हो रही है। अयोध्या-जनकपुरधाम बस सेवा दोनों राष्ट्रों के संबंधों को और मजबूत करेगी, साथ ही विकास की यात्रा भी आरंभ होगी। कहा कि समय बदला है, परिस्थितियां बदली हैं, लोग बदले हैं लेकिन हमारे सांस्कृतिक संबंध आज भी अटूट बने हुए हैं जो हजारों वर्ष पहले राजा दशरथ और जनक जी के समय थे। यह हम सब के लिए ऐतिहासिक क्षण है। नेपाल और भारत के सांस्कृतिक संबंधों को कभी भी अलग नहीं किया जा सकता। (इस मौके पर डाक विभाग द्वारा जारी दीपोत्सव आधारित कवर का अनावरण करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व मौजूद मत्रिगण व संत-महंत।)
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पशुपतिनाथ और काशी विश्वनाथ के मंदिर, अयोध्या का जनकपुर से संबंध ऐसे अनेक कड़िया भारत को नेपाल के साथ जोड़ती हैं। ये सांस्कृतिक संबंध राजनीति संबंधों से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बढ़ाने का काम किया है। दोनों देशों के सुख दुख में सहभागी बनने में भी यह एक महत्वपूर्ण कड़ी है। अयोध्या-जनकपुर व काठमांडू-वाराणसी के बीच सांस्कृतिक संबंधों को विकास के साथ जोड़ने पर काम होगा। भारत और नेपाल एक दूसरे के सहयोगी बन सकें, इस दृष्टि से यह बस सेवा एक महत्वपूर्ण कड़ी बनी है। (इस मौके पर एक से बढ़कर एक झाकियां निकाली गईं।)
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेपाल से आए हुए अतिथियों का अयोध्या में अभिनंदन है, अतिथियों को अयोध्या की सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपरा की जानकारी होगी, मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन का सौभाग्य प्राप्त होगा। अतिथि देवो भव की परंपरा को नया आयाम देने का प्रयास है। कहा कि हमने पिछले वर्ष भव्य दीपोत्सव आयोजित किया था। दीपावली का पर्व अयोध्या के पहचान को पुर्नस्थापित करने की कड़ी का एक हिस्सा था। उस दौरान 133 करोड़ की योजनाओं का भी शुभारंभ किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने राम-जानकी मार्ग को पूर्ण करने का जिम्मा भी लिया है। मार्ग बन जाने पर जनकपुर से अयोध्या पहुंचने में 10 से 12 घंटे की जगह मात्र 6 से 7 घंटे ही लगेंगे। कहा कि रामायण सर्किंट से अयोध्या व जनकपुर के बीच के प्रमुख स्थलों का सुंदरीकरण होगा। कहा कि इस वर्ष दीपोत्सव को भव्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है पिछले वर्ष करीब 6 देशों की रामलीलाएं हुई हैँ, इस वर्ष इसे भव्यता प्रदान करने का काम किया जाएगा। (सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देते कलाकार।)
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