पीएसी स्थापना दिवस के मौके पर जब सीएम योगी आदित्यनाथ पीएसी 35वीं बटालियन के ग्राउंड पर पहुंचे तो जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ आनर दिया। मुख्यमंत्री ने गारद का निरीक्षण भी किया। इसके बाद सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और स्टेट पुलिस बैंड का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद जवानों ने अपने करतब दिखाए।
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छठी वाहिनी पीएसी के जवानों ने केमोफ्लाइज एंड कन्सीलमेन्ट के तहत प्राकृतिक माध्यमों की मदद से दुश्मन पर हमला करने का प्रदर्शन किया। समतल जमीन के अंदर छुपे जवानों और हाथी की शक्ल में आई फोर्स को मेहमानों ने खूब सराहा।
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मुख्यमंत्री ने जवानों की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की चौकसी, घुसपैठियों की रोकथाम, उग्रवाद एवं नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई में पीएसी की भूमिका अहम रही है। पीएसी ने अपनी स्थापना के 69 वर्षों में जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वह किसी भी सशस्त्र बल के लिए आदर्श है।
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पीएसी स्थापना दिवस
- फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएसी के कमांडो न सिर्फ पीएसी, बल्कि एटीएस और एसटीएफ में भी काम कर रहे हैं। मेट्रो की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी पीएसी को दी गई जो सीआईएसएफ की तर्ज पर विकसित की जा रही है। आने वाले दिनों में पीएसी की फोर्स को और बेहतर किया जा सके, इसके लिए सरकार काम कर रही है।
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करतब दिखाते जवान।
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योगी ने पीएसी के हथियारों के बारे में भी जानकारी ली।