यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को गोंडा जिले के दौरे पर थे। उन्होंने जिला अस्पताल पहुंचकर निरीक्षण किया और मात्र पांच मिनट बाद ही वापस हो लिए। पहले से निरीक्षण के लिए प्रस्तावित जिला अस्पताल दुल्हन की तरह सजाया गया था इसलिए शायद योगी ने भांप लिया कि यहां कुछ मिलने वाला नहीं है।
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दूसरा पड़ाव नगर कोतवाली था। नगर कोतवाली को भी करीने से सजाया गया था और पूरे परिसर को कालीन से ढका गया था। इसलिए सीएम ने अपना काफिला सीधे नगर पालिका लेकर चलने को कहा।
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नगर पालिका कार्यालय शहर से होकर गुजरता है। सड़कों पर ठेले व दुकानें लगी थीं। प्रशासन ने किसी तरह जल्दी-जल्दी में उसे हटवाया। सीएम ने नगर पालिका कार्यालय पहुंच कर गंदगी देखी और डीएम व कमिश्नर की ओर मुखातिब होते हुए कहा यहां लगता है कि कभी सफाई नहीं होती है इसीलिए गोंडा सबसे गंदा शहर है।
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सीएम ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी बलबीर सिंह से पूछा कि कितने सफाई कर्मी हैं तो उन्होंने बताया कि 560 सफाई कर्मी हैं इस पर योगी ने परिसर में दो जगह इकट्ठा कूड़ा को दिखाते हुए कहा कि यह क्यों लगा हुआ है। इसीलिए गोंडा सबसे गंदा है। शर्म की बात है।
इसके पूर्व जिला अस्पताल से निरीक्षण कर निकलते समय आशा बहुओं व कुछ अन्य लोग सड़क पर आ गए। सीएम की फ्लीट में शामिल अधिकारी व सुरक्षा में लगे अधिकारी सकते में आ गए लेकिन जब तक सुरक्षा कर्मी कुछ समझ पाते तब तक आशा बहुओं ने सीएम की गाड़ी को घेर लिया और अपनी बात बताई।