फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुमनामी बाबा का रहस्य ऐसे सुलझाएंगे रिटायर्ड जज विष्णु सहाय, पहुंचे फैजाबाद

Thu, 01 Sep 2016 02:24 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 5
पत्रकारों से बात करते जांच आयोग के सदस्य - फोटो : amar ujala
गुमनामी बाबा के रहस्य से जल्द पर्दा उठने की उम्मीद है। फैजाबाद पहुंचे जांच आयोग के अध्यक्ष र‌ि. जज व‌िष्णु सहाय ने बताया, राज्यपाल चाहते थे कि गुमनामी बाबा के बारे में निष्पक्ष पड़ताल हो। उन्होंने कहा, मैंने कोई पुरानी र‌िपोर्ट नहीं पढ़ी है। अगर मैं मुखर्जी आयोग की या कोई और पुरानी रिपोर्ट पढ़ूंगा तो खुले दिमाग से जांच नहीं कर पाऊंगा। 
विज्ञापन

2 of 5
अयोध्या पहुंचा जांच दल - फोटो : amar ujala
आयोग के सचिव दीपक श्रीवास्तव के साथ सर्किट हाउस पहुंचे सहाय ने कहा कि मेरी जांच का बिंदु सिर्फ ये होगा कि गुमनामी बाबा उर्फ भगवान जी कौन थे।
विज्ञापन

3 of 5
व‌िष्णु सहाय - फोटो : amar ujala
विष्णु सहाय ने कहा, फैजाबाद कैंप कार्यलय में सुबूत रिकॉर्ड किए जाएंगे, सरसरी तौर पर संग्रहालय का सामान देखेंगे और गवाहों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।

4 of 5
गुमनामी बाबा का फाइल फोटो - फोटो : amar ujala
बता दें क‌ि नेताजी की मौत की जांच के लिए गठित मुखर्जी आयोग ने भी गुमनामी बाबा के सुभाष चंद्र बोस होने का संकेत दिया था। लेखक व शोधकर्ता अनुज धर ने भी अपनी किताब में गुमनामी बाबा के नेता जी होने का दावा किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
नेता जी गुमनामी बाबा
कौन थे गुमनामी बाबा: गुमनामी बाबा फैजाबाद के रामभवन में रहते थे। 16 सितंबर 1985 को उनका निधन हो गया। कई लोगों का मानना है कि रामभवन में रहने वाले गुमनामी बाबा ही नेताजी सुभाष चंद्र बोस थे, जो पहचान छिपाकर वहां रहते थे। हालांकि, वह हमेशा लोगों से दूरी बनाए रखते थे। स्थानीय लोगों का दावा है कि नेताजी के रिश्तेदार अक्सर यहां उनसे मिलने आते थे। बाबा की मृत्यु के बाद उनकी भतीजी ललिता बोस भी 1986 में फैजाबाद आईं थीं। चश्मदीदों के अनुसार गुमनामी बाबा के सामान देखकर उन्होंने कहा था कि यह कोई और नहीं बल्कि नेताजी ही थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें