जकार्ता में हुए एशियन गेम्स से सोना लेकर पहली बार अपने दूसरे घर लखनऊ आई हरियाणा की पहलवान विनेश फोगट और कांस्य जीतने वाली प्रदेश की पहलवान दिव्या काकरान का साईं सेंटर में सोमवार को स्वागत किया गया। विनेश ने कहा कि लखनऊ से उन्हें बहुत प्यार मिलता है। रियो ओलंपिक में चोट के बाद कॅरिअर खत्म होने का डर बैठ गया था। लखनऊ में ट्रेनिंग का मेरा हौसला बढ़ा और कॉमनवेल्थ व एशियन गेम्स में सोना जीतने में कामयाब रही। वहीं दिव्या ने कहा कि मेडल जीतना सपने के पूरा होने जैसा है।
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विनेश फोगट
- फोटो : अमर उजाला
सब जानते हैं कि रियो में चोटिल होने बाद मेरा ओलंपिक में पदक जीतने का सपना अधूरा रह गया। उस वक्त कॅरिअर खत्म होने का डर भी मन में बैठ गया था, लेकिन मैंने हार नहीं मानी और कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में स्वर्ण जीतकर खुद को साबित किया। अब मेरे सामने टोक्यो ओलंपिक गेम्स में स्वर्ण जीतने की चुनौती है, जिसके लिए मैंने नए सिरे तैयारी शुरू कर दी है। एशियन गेम्स में स्वर्ण जीतने वाली पहली महिला पहलवान विनेश फोगाट ने कुछ इस तरह भविष्य के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दिया।
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दिव्या और विनेश फोगट
- फोटो : अमर उजाला
साई सेंटर मेें आयोजित सम्मान समारोह के दौरान उन्होंने कहा कि रेसलिंग के सिलसिले में ज्यादातर मुझे घर के बाहर ही रहना पड़ता है। जब मैं किसी बाउट में हार जाती हूं तो मुझे घर की सबसे ज्यादा याद आती है। मां से मिलकर मेरी हार का दर्द कम भी हो जाता है। हालांकि इसके बावजूद मुझसे अगर कहा जाए कि कुछ दिन रेसलिंग न करूं तो यह मुझे मंजूर नहीं।
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दिव्या औ्रर विनेश फोगट
- फोटो : अमर उजाला
इसके आगे कुछ भी याद नहीं रहता। शायद यहीं कारण है कि चोट के बावजूद मैंने महिला कुश्ती में शानदार वापसी की। लखनऊ को अपना दूसरा घर बताते हुए विनेश ने कहा कि साई सेंटर में आना-जाना लगा रहता है। अब तो यह मेरे दूसरे घर की तरह हो गया है। यहां के स्टाफ की शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने मुझे इतना प्यार दिया। युवा खिलाड़ियों को सीख देते हुए स्टार पहलवान ने कहा कि मैं सभी से यहीं कहना चाहती हूं कि वक्त बुरा हो या अच्छा आपको कभी उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। साथ ही पदक की बजाए हमेशा स्वर्ण जीतने पर ध्यान देना चाहिए, जिससे परिणाम बेहतर आएगा।
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विनेश
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मेरे रोल के कौन फिट, बताना मुश्किल
विनेश से जब पूछा गया कि अगर उनके संघर्ष और सफलता पर फिल्म बनती है तो कौन सी अभिनेत्री उनके किरदार के लिए फिट रहेगी। इस पर उन्होंने कहा कि रेसलर का रोल करना इतना आसान नहीं है। मैं भी परफेक्ट नहीं हूं। मैंने खुद भी गिनी-चुनी फिल्में ही देखी है, लेकिन मेरी कहानी से अगर लोगों को प्रेरणा मिले तो मुझे खुशी होगी। जहां तक मेरे रोल का सवाल है तो मेरी समझ से विनेश के रोल के लिए विनेश ही फिट है।
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दिव्या
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एशियन गेम्स का कांस्य बेहद अहम : दिव्या
एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतने वाली यूपी की दिव्या काकरान ने कहा कि एशियाड में मेडल जीतना किसी सपने को पूरा होने जैसा है। जब मैंने मेडल जीता तो एक पल के लिए विश्वास ही नहीं हुआ कि मैंने मेडल जीत लिया है। लोगों के प्यार और उम्मीदों की बदौलत ही मैं पदक जीत सकी। इस पदक के बाद आत्मविश्वास इतना बढ़ गया है कि मैं आगे ओलंपिक में पदक जीत सकती हूं।
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विनेश फोगट
- फोटो : अमर उजाला
यूपी सरकार से मिलने वाली जॉब और सम्मान के बाबत पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि मुझे अभी तक सरकार की ओर से सूचित नहीं किया गया है, लेकिन सुना जरूर है। मेरे लिए यूपी में जॉब मिलना बड़ी बात है। अगर पूछा गया, तो मैं मेरठ में पुलिस विभाग में जॉब चाहती हूं। देखते हैं आगे क्या होता है। बचपन के दिन याद करते हुए यूपी की स्टार पहलवान ने कहा, बड़ी मुश्किलों के बीच पिता और भाई से मुझे पहलवान बनाया है। अब मेरी बारी आई है कि मैं उनके लिए कुछ कर सकूं। जो कुछ भी मिलेगा, वह पिता को दे दूंगी, क्योंकि आज मैं उनकी बदौलत इस मुकाम पर पहुंच पाई हूं।
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दिव्या और विनेश फोगट
- फोटो : अमर उजाला
पदक के लिए प्रोजेक्टर पर फिल्म देखकर रोमांचित हुई विनेश और दिव्या
साई सेंटर प्रबंधन ने सोमवार को हुए सम्मान समारोह के लिए खास तैयारी की थी। इसके लिए भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष आनंदेश्वर पांडेय के अलावा विनेश और दिव्या के कोच कुलदीप मलिक और सहायक कोच साहिल खासतौर पर आमंत्रित थे। इस अवसर पर एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स में विनेश और दिव्या के सफर पर एक फिल्म भी तैयार की गई थी। फिल्म के प्रदर्शन के दौरान विनेश और दिव्या के चेहरे के हावभाव देखते ही बने।
खासतौर पर विनेश, जो फिल्म की अपने कैमरे में कैद करते बेहद रोमांचित दिखीं। साई की कार्यकारी निदेशक रचना गोविल ने बताया कि हम चाहते थे कि विनेश और दिव्या की सफलता को पूरे सेंटर के प्रशिक्षुओं को दिखाना चाहते हैं ताकि वे उनकी सफलता से प्रेरित होेकर अपने भविष्य को संवारे। मुझे बहुत खुशी है कि विनेश और दिव्या को यह फिल्म पसंद आई।