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लाइव रिपोर्टः एलयू के हाल देख चौंक पड़े राउंड पर निकले वीसी

Tue, 19 Jul 2016 01:07 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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स्टूडेंट्स - फोटो : amar ujala
एलयू में नया सत्र 16 जुलाई से ही शुरू हो गया। पर, क्लासेज नहीं। ज्यादातर टीचर्स का एक ही बहाना स्टूडेंट्स नहीं आ रहे तो हम क्या करें। बहाना तो यह भी कि ऐसा तो हर साल शुरुआती हफ्ते में होता है। 

पर, हकीकत इससे इतर है। सुबह 11.30 बजे तक ज्यादातर एचओडी यूनिवर्सिटी ही नहीं पहुंच रहे। कुलपति प्रो. एसबी निमसे डीन आर्ट्स प्रो. बीके तिवारी के साथ क्लासेज की हकीकत परखने कला संकाय के छह विभागों के राउंड पर निकले तो जो कुछ सामने आया वह चौंक पड़े। 
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स्टूडेंट्स - फोटो : amar ujala
महज दो कक्षाएं चलती मिलीं। कुलपति इससे बेहद नाराज हुए। उन्होंने शिक्षकों को फटकार लगाते हुए कहा-विश्वविद्यालय को फैक्ट्री बना दिया है...। फैक्ट्री का आदमी तो आपसे कम पाता है...। बस प्रवेश दो...डिग्री दो। यही हो रहा है...। लखनऊ विश्वविद्यालय में क्लासेज के क्या हाल हैं पेश है कुलपति की निरीक्षण की पूरी लाइव रिपोर्ट... 

ये हाल है अपनी यूनिवर्सिटी का
सुबह 10.40 बजे: कुलपति प्रो. एसबी निमसे समाजशास्त्र विभाग पहुंचे। कोई भी कक्षा नहीं चल रही थी। विभागाध्यक्ष का कमरा बंद था। प्रो निमसे ने पूछा-क्लासेज क्यों नहीं चल रहीं। जवाब आया- छात्र नहीं आए और विभागाध्यक्ष प्रो. राम गणेश सचिवालय गए हैं।
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स्टूडेंट्स - फोटो : amar ujala
सुबह 10.50 बजे: प्रो. निमसे समाजकार्य विभाग पहुंचे और एचओडी रूम में सीधे पहुंच गए। कुलपति के आने की भनक लगते ही शिक्षक भी वहां पहुंच गए। उन्होंने सवाल दागा-क्लासेज क्यों नहीं चल रहीं। 

एक प्रोफेसर ने जवाब दिया- सर, सुबह एक क्लास हुई थी, जिसमें बीए प्रथम वर्ष के 19 बच्चे आए थे। कुलपति ने दूसरा सवाल दागा क्या 19 ही बच्चे हैं।

जवाब आया-नहीं दो सेक्शन में 80-80 स्टूडेंट हैं।  विभागाध्यक्ष प्रो. डीके सिंह के बारे में पूछने पर जवाब आया कि वे 11 बजे तक आएंगे। यह सुनकर वीसी उनका इंतजार करने के लिए वहीं रुक गए लेकिन 11.15 तक वे नहीं आए।

सुबह 11.20 बजे: वीसी अर्थशास्त्र विभाग पहुंचे तो पीजी ब्लॉक के कमरा नंबर 5 में डॉ. शशिलता सिंह बीए प्रथम वर्ष की इकोनॉमिक्स की क्लास ले रही थीं। लेकिन विभागाध्यक्ष प्रो. एके अवस्थी तब तक नहीं पहुंचे थे।

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स्टूडेंट्स - फोटो : amar ujala
सुबह 11.23 बजे: प्रो. निमसे इंग्लिश विभाग पहुंचे तो विभागाध्यक्ष प्रो. वीपी सिंह का कमरा अंदर से बंद था। वीसी ने इस पर सवाल किया तो बताया गया कि विभागाध्यक्ष अभी नहीं आए हैं।

वीसी ने कमरा खुलवाया तो एसी चलता मिला। इसपर वीसी नाराज हुए। हालांकि कमरा नंबर 30 में डॉ. मीनाक्षी पाहवा बीए ऑनर्स प्रथम वर्ष के स्टूडेंट्स की क्लास ले रही थीं।

सुबह 11.30 बजे: मनोविज्ञान विभाग में विभागाध्यक्ष प्रो. पल्लवी भटनागर समेत ज्यादातर फैकल्टी मौजूद थीं। कुलपति को रजिस्टर दिखाया गया कि वहां सुबह क्लास हो चुकी।

सुबह 11.35 बजे: दर्शनशास्त्र विभाग पहुंचे तो वहां भी कोई क्लास नहीं चल रही थी। हालांकि विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश चंद्रा व कुछ शिक्षक मौजूद थे।
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स्टूडेंट्स - फोटो : amar ujala
समाजकार्य विभाग में कुलपति प्रो. निमसे के पहुंचने पर एक प्रोफेसर ने बताया कि छात्र एमफिल की परीक्षा दे रहे हैं। इस पर प्रो. निमसे ने कहा- परीक्षा में आना तो छात्र की मजबूरी है। यह बताओ, यूजी की क्लासेज कहां चल रही हैं। 

इस पर मौजूद शिक्षकों ने कहा-सर, अभी ज्यादातर बच्चे नहीं आ रहे हैं। इतना सुनते ही वीसी ने दो टूक कहा- जब बच्चे ही नहीं आते तो फिर नई नियुक्तियां क्यों करवाई?  आखिर इतने शिक्षकों की क्या जरूरत है? 
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स्टूडेंट्स - फोटो : amar ujala
छात्र नहीं आ रहे तो उन्हें बुलाने की कोशिश करो। लगना चाहिए कि विश्वविद्यालय चल रहा है। प्रो. निमसे ने विभागीय स्तर पर शिक्षकों की बैठक कर इस समस्या का समाधान करने के लिए कहा।

कुलपति ने कहा- छात्र अच्छी शिक्षा की जिस उम्मीद को लेकर यूनिवर्सिटी में दाखिला ले रहे हैं उसे पूरा करने का आपका फर्ज है। यदि आप सब प्रयास करें और कक्षाओं में जाकर अच्छे से पढ़ाएं तो छात्र भी जरूर आएंगे। दो छात्र भी आए हैं तो भी अपना लेक्चर दें। छात्रों को लगेगा कि शिक्षक गंभीर हैं तो उनकी संख्या भी बढ़ने लगेगी।
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वीसी एसबी निमसे - फोटो : amar ujala
कुलपति ने कहा- जो छात्र क्लास में नहीं आते उनपर सख्ती कीजिए। ज्यादा गैरहाजिर रहने वालों को परीक्षा से रोका जाए तो उनमें गंभीरता आएगी। 

सरकार ने किसी छात्र को परीक्षा से रोकने पर रोक नहीं लगाई है। पर आप सब व्यवस्था सुधारने का प्रयास करें तो ही यह सब हो पाएगा। निरीक्षण के दौरान जो विभागाध्यक्ष गैरहाजिर मिले उन्हें कुलपति ने अपने कार्यालय में तलब किया।
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वीसी एसबी निमसे - फोटो : amar ujala
निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की उपस्थिति भी काफी कम दिखी थी। प्रो. निमसे ने बताया कि कुछ विभागाध्यक्षों ने सफाई दी कि जिन शिक्षकों की कक्षाएं थीं वे मौजूद थे। शिक्षकों को कहा गया है कि कुछ भी हो समय से आएं। उनकी ड्यूटी फुलटाइम की है। यदि क्लास नहीं है तो रिसर्च करें। विभागाध्यक्षों को खासकर समय से आने के लिए कहा गया।

सभी विभागाध्यक्षों को स्थिति सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। यदि शिक्षक में इच्छाशक्ति है तो छात्रों को कक्षाओं में बुला सकता है। एक सप्ताह में फिर से इन विभागों को निरीक्षण करके सुधार की स्थिति देखी जाएगी।
- प्रो. एसबी निमसे, कुलपति, लविवि
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