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अब शहरी महिलाओं को भी मिलेगा इस योजना का लाभ, ऐसे कर सकेंगी दावा

Tue, 24 Apr 2018 02:05 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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डेमो - फोटो : डेमो
अब शहरी क्षेत्र की गर्भवती को भी प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का लाभ देने की तैयारी शुरू हो गई है। पिछले वर्ष एक  जनवरी से शुरू इस योजना में सिर्फ ग्रामीण इलाके की गर्भवती को ही शामिल किया गया था। 
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योजना के तहत पहली बार मां बनने पर गर्भवती को 5000 रुपये तीन किस्तों में दी जाएगी। इसके अलावा जननी सुरक्षा योजना के तहत अलग से एक हजार रुपये की राशि मिलेगी। बीते शुक्रवार को राजधानी के डाटा एंट्री ऑपरेटर्स को इस योजना की शुरूआत के तहत डाटा फीडिंग व अन्य कार्यों के लिए विशेष ट्रेनिंग दी गई। 
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इस ट्रेनिंग के बाद शहरी क्षेत्र में भी महिलाओं का पंजीकरण शुरू कर दिया जाएगा। यह जानकारी एसीएमओ डॉ. अजय राजा ने दी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पिछले साल एक जनवरी से ऐसी कोई भी महिला जो पहली बार मां बनी होगी, इस योजना के तहत राशि के लिए क्लेम कर सकेगी।

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तीन किस्तों में मिलेंगे 5 हजार रुपये
पहली बार मां बनने पर प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत 5000 रुपये गर्भावस्था से प्रसव तक तीन किस्तों में दी जाएगी। 2000 रुपये की पहली किस्त गर्भवती की सरकारी अस्पताल में एएनसी पंजीकरण के बाद पहले एएनसी चेकअप पर दी जाएगी। 2000 रुपये की दूसरी कि स्त दूसरे एंटीनेटल चेकअप (गर्भावस्था के पांचवे व छठे माह के बीच) के बाद दी जाएगी।
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डेमो - फोटो : डेंमो
बाकी के एक हजार रुपये अस्पताल में प्रसव के बाद शिशु के प्रथम टीकाकरण चक्र पूरा होने के बाद दिया जाएगा। निजी अस्पताल में प्रसव कराने वाली महिलाओं को भी योजना का लाभ मिलेगा। 
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डेमो - फोटो : डेंमो
गर्भस्थ की मौत के बाद दूसरे प्रसव में मिलेगी बाकी रकम
डॉ. अजय राजा ने बताया कि कोई गर्भवती योजना के तहत एक या दो किस्त ले चुकी है और किसी कारणवश गर्भस्थ की मौत हो जाती है तो उन्हें आगे की बची हुई रकम अगले प्रसव में मिल सकेगी। 
 
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- फोटो : डेंमो
आशा के जरिये ही कर सकेंगी दावा
गर्भवती पहली बार मां बनी है, इसकी पुष्टि उस क्षेत्र की आशा बहू करेगी। इसके लिए आशा गर्भवती का फार्म भर कर एएनएम तक पहुंचाएगी। उसके बाद एएनएम की ओर से भी इस बात की जांच व पुष्टि की जाएगी। इसके बाद ही गर्भवती को इस योजना का लाभ मिल सकेगा। डॉ. अजय राजा ने बताया कि शहरी क्षेत्र में आशाओं की काफी कमी थी। ऐसे में यहां 300 नई आशाओं की जल्द ही नियुक्ति की जाएगी। आशा अपने-अपने क्षेत्र की पहली बार मां बनने वाली गर्भवती की पहचान करेंगी।
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