हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या के मामले में कुछ नये तथ्य सामने आने के बाद एसआईटी की एक टीम ने शुक्रवार दोपहर जेल में आरोपियों से पूछताछ की। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कमलेश की हत्या के आरोपी गुजरात के सूरत निवासी अशफाक और उसके मददगार नागपुर के आसिम समेत बरेली के नावेद से घंटों सवाल-जवाब किए गए।
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कमलेश तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
एसआईटी जल्द बरेली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में फिर से छानबीन कर सकती है। सूत्रों ने बताया कि कमलेश की हत्या में कई एजेंसियां अलग-अलग इनपुट पर काम कर रही हैं।
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kamlesh tiwari murder case
- फोटो : अमर उजाला/एएनआई
साजिशकर्ता गुजरात के सूरत निवासी रशीद अहमद पठान उर्फ राशिद, मौलाना मोहसिन शेख, फैजान यूनुस, अशफाक और मोइनुद्दीन और इनके मददगार नागपुर के सैय्यद आसिम अली, बरेली के कैफी अली, वकील नावेद, कामरान, लखीमपुर के पलिया निवासी रईस व आसिफ जेल में हैं, पर उनके कई मददगार अभी पकड़ से दूर हैं। एजेंसियों की पकड़ में आए कुछ और लोगों कई जानकारियां दीं हैं। इसकी पुष्टि के लिए जेल में बंद आरोपियों से कुछ अलग बिंदुओं पर पूछताछ की गई थी।
दाऊद इब्राहिम से हत्याकांड के तार जोड़ने पर सनसनी
कमलेश तिवारी की हत्या के मामले में बृहस्पतिवार रात सोशल मीडिया पर दिल्ली में एक संदिग्ध के पकड़े जाने और हत्याकांड के तार पाकिस्तान व अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जोड़ने की चर्चा ने सनसनी फैला दी। पुलिस और अन्य एजेंसियों के अधिकारियों ने इस मामले में दिल्ली पुलिस और एटीएस के अफसरों से संपर्क किया हालांकि, कोई भी पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी।
एसआईटी, एटीएस और विभिन्न एजेंसियों के अफसरों ने कमलेश की हत्या के तार पाकिस्तान से जुड़े होने की बात से इनकार किया। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों का कहना था कि हत्यारोपी अशफाक और मोइनुद्दीन के साथ हत्याकांड की साजिश रचने वाला गुजरात का राशिद पाकिस्तान की एक रीयल एस्टेट कंपनी में दुबई में नौकरी करता था। उसके जरिए ही लोगों ने कमलेश हत्याकांड को पाकिस्तान और दाऊद इब्राहिम से जोड़ा था।