यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को लोकभवन में मेधावियों और उनके माता-पिता को सम्मानित किया। इस दौरान बच्चों में उनके साथ सेल्फी लेने की होड़ लगी रही। वहीं, सीएम ने भी बच्चों को निराश नहीं किया।
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उन्होंने कई मेधावियों के साथ सेल्फी खिंचवाई। साथ ही उन्हें सफलता का मंत्र भी दिया। उन्होंने बच्चों को सक्सेस मंत्र देते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए शार्टकट का रास्ता न अपनाएं बल्कि मेहनत करें। पुरुषार्थ का कोई विकल्प नहीं हो सकता।
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उन्होंने माध्यमिक शिक्षा परिषद, केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट की हाई स्कूल एवं इंटर परीक्षा 2017 के 147 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। बच्चों के साथ ही उनके पिता को गुलाबी पगड़ी और माता को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बालिकाएं प्रतिस्पर्धा में स्वयं को योग्य साबित कर रही हैं। उन्हें अवसर मिला तो अपनी प्रतिभा के बल पर कहीं भी झंडा गाड़ सकती हैं। बालिकाओं ने मेहनत के दम पर हर क्षेत्र में अपना लोहा मनवाया है।
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यह इस बात से जाहिर होता है कि प्रदेश में हाई स्कूल और इंटरमीडिएट के 147 मेधावी विद्यार्थियों में से 99 बालिकाएं हैं। मुख्यमंत्री ने अफसोस जताया कि इसके बावजूद लड़कियों को स्कूल जाने से वंचित किया जाता है और समाज में कन्या भ्रूण हत्या होती है। बहुत से लोग सोचते हैं कि बालिका को पढ़ाकर क्या करेंगे? समाज की यह धारणा बदलनी होगी।
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समारोह में यूपी बोर्ड की 10वीं में प्रथम दस स्थान पाने वाले 30, 12वीं में प्रथम दस स्थान पाने वाले 87, इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन की कक्षा 10 में प्रथम 4 स्थान पाने वाले नौ, 12वीं में प्रथम 3 स्थान पाने वाले 10 और सीबीएसई की 12वीं में प्रथम दस स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को एक- एक लाख रुपये, आईपैड और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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सीएम ने कहा, पुरुषार्थ से हम भाग्य को बदल सकते हैं। जीवन में पलायन का रास्ता नहीं अपनाएं क्योंकि जीवन का नाम परिश्रम, संघर्ष और पुरुषार्थ है। कोई पुरुष अयोग्य नहीं हो सकता। अगर कहीं अयोग्यता है तो इसका मतलब कोई योजक नहीं है। प्रयोजक के रूप में हमारे शिक्षक, अभिभावक और माता पिता की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है।
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इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, महिला कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह, अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल, अवनीश अवस्थी, महिला कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव रेणुका कुमार सहित कई मंत्री और अधिकारी मौजूद थे।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, यूपी बोर्ड परीक्षा का परिणाम आने से पहले वे स्वयं भयभीत थे। कहा कि 19 मार्च को हमारी सरकार बनने के बाद से परीक्षा में नकल की खबरें आ रही थीं। हालांकि, नकल रोकने लिए सरकार ने अभियान भी चलाया था। लेकिन यूपी से ठीक पहले बिहार बोर्ड का परिणाम सामने आ गया।
उन्हें इस बात की आशंका थी कि कहीं बिहार की पुनरावृत्ति यहां न हो जाए। मुख्यमंत्री ने कहा, परिणाम 81-82 प्रतिशत आते ही उन्हें लगा कि मेहनत का नतीजा सामने आया है। मेधावी छात्र- छात्राओं को सम्मानित कर उत्तर प्रदेश स्वयं को सम्मानित महसूस कर रहा है।