प्रो. भरत राज सिंह
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स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज के महानिदेशक व वैदिक विज्ञान केन्द्र के प्रभारी प्रो. भरत राज सिंह का कहना है कि मकर संक्रांति पर तिल-गुड़ का सेवन करने के पीछे एक वैज्ञानिक आधार है। जब सर्दी के मौसम में शरीर को गर्मी की आवश्यकता होती है, तब तिल-गुड़ के व्यंजन गर्मी पैदा करने का काम करते हैं। तिल में तेल की प्रचुरता रहती है और इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, बी कॉम्प्लेक्स और कार्बोहाइट्रेड पाए जाते हैं। तिल में सेसमीन एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो कई बीमारियों के इलाज में मदद करते हैं। इसे जब गुड़ में मिलाकर खाते हैं तो इसका ज्यादा फायदा मिलता है। गुड़ की तासीर भी गर्म होती है। तिल व गुड़ को मिलाकर जो व्यंजन बनाए जाते हैं, वह सर्दी के मौसम में हमारे शरीर में आवश्यक गर्मी पहुंचाते हैं। यही कारण है कि मकर संक्रांति पर तिल व गुड़ के व्यंजन प्रमुखता से खाए जाते हैं।