ये दो तस्वीरें काफी हैं, यह बयां करने के लिए कि कोरोना ने ईद की खुशियों को किस हद तक प्रभावित किया है। ये दोनों तस्वीरें ईद के ठीक एक दिन पहले अमीनाबाद बाजार की हैं।
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- फोटो : amar ujala
पहली तस्वीर में खुशनुमा चेहरे, उल्लास, उमंग और खरीदारी को लेकर उत्सुकता दिखा रही है।
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वहीं दूसरी तस्वीर अमीनाबाद बाजार की बेजारी दिखा रही है। दुकानें बंद, सड़क पर सन्नाटा बता रहा है कि इस साल ईद की खुशियां कितनी सिमट गई हैं।
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हालांकि, कोरोना को लेकर अमीनाबाद बाजार बंद है। ...लेकिन जिंदगी के लिए ये जरूरी है।
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ये नजारा लखनऊ की ऐशबाग ईदगाह का है। यहां पर हर बार ईद पर नमाज पढ़ने के लिए भारी भीड़ होती है लेकिन इस बार यहां सन्नाटा पसरा हुआ है।
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हालांकि, सुन्नी धर्मगुरू मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली व मुस्लिम समाज के अन्य प्रतिनिधियों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए यहां नमाज पढ़ी।
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ऐशबाग ईदगाह में नमाज पढ़ने के बाद फरंगी महली ने दूर से ही ईद की बधाई दी।
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ये शहर की टीले वाली मस्जिद का नजारा है...
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अपने घर ईद की नमाज पढ़ते मौलाना कल्बे जव्वाद।
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शिया धर्मगुरू मौलाना कल्बे जव्वाद ने अपने घर पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए नमाज पढ़ी।