बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में दुखड़ा रोकर पास करने की गुहार लगाने वाले संदेश तो आपने खूब सुने होंगे लेकिन अब परीक्षार्थियों ने नया हथकंडा अपना लिया है। उत्तर पुस्तिकाओं में छात्र अब सीधे धमकी देकर पास करने के लिए कह रहे हैं। लखनऊ के एक स्कूल में बोर्ड परीक्षा की कॉपी जांच रहे एक शिक्षक ने जब उत्तर पुस्तिका खोली तो उनके होश ही उड़ गए।
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कॉपी में लिखा था कि 'अगर तुमने मुझे पास नहीं किया तो सोच लेना तुम्हारा क्या होगा।' ये पढ़ने के बाद कुछ देर के लिए मास्टर साहब तो घबरा ही गए लेकिन करें भी तो क्या। कॉपी पर न तो विद्यालय का नाम है न ही स्टूडेंट की कोई पहचान। कोई पहचान होती तो शायद जरूर कोई एक्शन लेते।
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इसके अलावा एक अन्य शिक्षक को तो उत्तर पुस्तिका में अपशब्द भरे लहजे में धमकी लिखी मिली। उन्होंने तो अपना सिर ही पकड़ लिया। कहने लगे इतना दिमाग अगर पढ़ाई में लगाया होता, तो पास जरूर हो जाते।
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क़ॉपी जांच रही एक शिक्षिका ने जब बोर्ड की उत्तर पुस्तिका खोली तो कुछ सवालों के जवाब तो मिले लेकिन वे इतने पर्याप्त नहीं थे कि छात्र पास हो जाए। हां, एक पेज पर ये जरूर लिखा था कि 'हिम्मत है तो पास करके दिखाओ।' ये पढ़कर शिक्षिका समेत वहां कॉपी जांच रहे अन्य टीचर भी हंस पड़े।
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- फोटो : amar ujala
यूपी बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन के दौरान काफी संख्या में हाईस्कूल व इंटर की खाली कॉपियां मिल रही हैं। वहीं, कई छात्र-छात्राएं अपना दुखड़ा रोकर पास करने की गुहार लगा रहे हैं। जो अपनी समस्याएं बता रहे हैं उन्हें भी अगली स्लाइड में पढ़ें।
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- फोटो : amar ujala
मास्टरजी, मेरे पिता बहुत बीमार रहते हैं। पूरे साल पढ़ाई नहीं कर पाया, कृपा करके मुझे पास कर दीजिए। मुझसे बड़ी दो बहने हैं। घर में मैं ही अकेला लड़का हूं। बीमार पिता की वजह से खेती का काम करना पड़ता है। इसलिए पढ़ाई नहीं कर पाया।
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- फोटो : amar ujala
वहीं, एक लड़की ने लिखा है कि गुरुजी/मैडमजी, प्लीज मुझे पास कर दीजिए, नहीं तो मेरी शादी नहीं होगी।
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परीक्षा देते परीक्षार्थी
- फोटो : अमर उजाला
एक उत्तर पुस्तिका में लिखा मिला कि अगर मैं पास नहीं हुआ तो घर से निकाल दिया जाऊंगा। सिर्फ पास करने में आपका कुछ नहीं जाएगा। प्लीज, पास कर दीजिएगा। आपकी बहुत कृपा होगी।
अनुपस्थित छात्रों ने बढ़ाई मुसीबत
मूल्यांकन कार्य में अनुपस्थित छात्र बाधा डाल रहे हैं। हालांकि इनकी कॉपियां मूल्यांकन को नहीं आई हैं, लेकिन इनके अवार्ड ब्लैंक फीड करने में काफी समय लग रहा है। एक छात्र की फीडिंग में कम से कम 15 मिनट का समय लगता है। अनुपस्थित छात्रों की संख्या इतनी ज्यादा है कि उप मुख्य परीक्षक परेशान हो गए हैं।