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‘लखनऊ में रंगमंच पर परीक्षा दिए बिना कोई पास भी कैसे हो सकता है।’, बोले- अभिनेता बलराज साहनी

Sat, 05 Jan 2019 05:58 PM IST
MANISH sachan अखिलेश वाजपेयी, अमर उजाला, लखनऊ
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बलराज साहनी - फोटो : डेमो
बलराज साहनी का असली नाम युद्धिष्ठर साहनी था। रावलपिंडी में जन्म लेने वाले साहनी ने न सिर्फ महात्मा गांधी के साथ काम किया बल्कि बीबीसी लंदन में हिंदी उद्घोषक भी रहे। अभिनेता परीक्षित साहनी बलराज साहनी के ही पुत्र हैं। कम  ही लोग जानते होंगे कि  बलराज साहनी का अभिनय क्षेत्र में प्रवेश नाटकों के जरिए ही हुआ था। 
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बलराज साहनी - फोटो : डेमो
वह लंबे समय तक इप्टा से भी जुड़े रहे। साहनी,  नाटक में अभिनय करने लखनऊ भी आए थे। उन्होंने मशहूर शायर कैफी आजमी की पत्नी के साथ अभिनय किया था। सभी को पता है कि कैफी भले ही आजमगढ़ में पैदा हुए थे लेकिन उनका लखनऊ से काफी करीबी नाता रहा। 
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बलराज साहनी - फोटो : डेमो
लखनऊ से ही उनकी कामयाबी का सुनहरा सफर शुरू हुआ। कैफी की शादी हैदराबाद में हुई थी। कैफी की पत्नी का नाम शौकत आजमी था। वह भी रंगमंच की बेहतरीन कलाकार थी। कैफी के ज्यादातर दोस्त उन्हें भाभी की जगह ‘मोती आपा’ कहते थे। 

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बलराज साहनी - फोटो : डेमो
‘क्या दिन थे’ पुस्तक के एक संस्मरण से पता चलता है, ‘लखनऊ में एक नाटक खेला जाना था, जिसमें कैफी की बेगम को भी अभिनय करना था। साहनी लखनऊ आए और उन्होंने कैफी की पत्नी के साथ अभिनय किया। बलराज और शौकत के भावपूर्ण अभिनय पर थियेटर में बैठे लोग मंत्रमुग्ध हो गए।
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बलराज साहनी - फोटो : डेमो
नाटक खत्म होने के बाद कैफी आजमी ने बलराज साहनी से लखनऊ के कई लोगों का परिचय कराया। एक प्रशंसक ने कहा, ‘मुझे तो भरोसा ही नहीं होता कि बलराज साहनी मेरे सामने खड़े हैं।’ साहनी ने कहा, ‘लखनऊ में रंगमंच पर परीक्षा दिए बिना कोई पास भी कैसे हो सकता है।’
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