फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सोशल मीडिया से सीएम पहुंचे इन तक, पढ़ें इनकी कहानी

विज्ञापन
1 of 15
खाकी से प्रताड़ित बुजुर्ग हों या बांदा के लाचार किसान का मामला...सोशल मीडिया पर जब इनकी कहानी आई तो सीएम ने इनकी खोज-खबर ली और ये बन गए खास...
विज्ञापन

सोशल मीड‌िया से सीएम पहुंचे इन तक, पढ़ें इनकी कहानी

2 of 15
सोशल मीड‌िया से वायरल हुआ ये मामला पूरे देश की नजर में आया। लखनऊ में बुजुर्ग टाइपिस्ट किशन कुमार जीपीओ के सामने दशकों से काम कर किसी तरह परिवार का पेट पाल रहे थे। 21 सितंबर को वहां पहुंचे एक पुलिसकर्मी ने अतिक्रमण के नाम पर न सिर्फ किशन कुमार से बदतमीजी की बल्कि उनका टाइपराइटर भी तोड़ दिया।
विज्ञापन

सोशल मीड‌िया से सीएम पहुंचे इन तक, पढ़ें इनकी कहानी

3 of 15
इस घटना को लेकर लोगों ने सोशल मीडिया पर जबर्दस्त गुस्सा दिखाया। बात सीएम तक पहुंची तो उन्होंने तत्काल डीएम के जरिये उनके घर नया टाइपराइटर और एक लाख रुपये की मदद भिजवाई। सीएम की इसके लिए काफी तारीफ हुई।

सोशल मीड‌िया से सीएम पहुंचे इन तक, पढ़ें इनकी कहानी

4 of 15
बैल के हमले में घायल बांदा के किसान देवराज यादव ने गैंगरीन की वजह से अपना एक पैर गंवा दिया। वे कर्ज में डूबे थे। आर्थिक हालत बेहद चिंताजनक थी।
विज्ञापन

सोशल मीड‌िया से सीएम पहुंचे इन तक, पढ़ें इनकी कहानी

5 of 15
वह एक पैर में लाठी बांधकर खेतों में हल जोतने लगे। तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर हुई तो सीएम अखिलेश की नजर उस पर गई। उन्होंने देवराज को न सिर्फ 5 लाख रुपये की मदद दिलवाई बल्कि जयपुर फुट प्रोस्थेसिस भी लगवाया।
विज्ञापन

सोशल मीड‌िया से सीएम पहुंचे इन तक, पढ़ें इनकी कहानी

6 of 15
9वीं कक्षा में पढ़ने वाले नोएडा का हरेंद्र सिंह चौहान पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए नोएडा सिटी मेट्रो स्टेशन पर वजन तौलने की मशीन के साथ बैठता था।
विज्ञापन

सोशल मीड‌िया से सीएम पहुंचे इन तक, पढ़ें इनकी कहानी

7 of 15
वहीं स्ट्रीट लाइट में पढ़ाई करता और मशीन से रोज तरकीबन 60 रुपये कमा लेता। एक आम नागरिक विकास शारदा ने उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की तो यह वायरल हो गई।

सोशल मीड‌िया से सीएम पहुंचे इन तक, पढ़ें इनकी कहानी

8 of 15
बात सीएम तक पहुंची तो उन्होंने 27 सितंबर को हरेंद्र को राजधानी बुलाकर शिक्षा के लिए 5 लाख रुपये की मदद मुहैया कराई और भविष्य संवारने का वादा किया।

सोशल मीड‌िया से सीएम पहुंचे इन तक, पढ़ें इनकी कहानी

9 of 15
4 अक्तूबर को लखनऊ के ऐशबाग में एक गाय कुएं में गिर गई। लोग तमाशा देखते रहे, पर बचाने कोई नहीं उतरा। तभी, नमाज के लिए जा रहे मो. जकी वहां पहुंचे और हिम्मत दिखाते हुए कुएं में उतर गए और जान खतरे में डालकर गाय को बाहर निकाला। उनकी बहादुरी सोशल मीडिया में छा गई। बाद में सीएम ने जकी को सम्मानित किया।

सोशल मीड‌िया से सीएम पहुंचे इन तक, पढ़ें इनकी कहानी

10 of 15
इसी तरह कुछ ऐसे मामले भी सामने आए ज‌िनकी खबर सीएम तक पहुंची तो उन्होंने तुरंत जरूरतमंदों की मदद की। ऐसा ही एक मामला प्रतापगढ़ का सामने आया। प्रतापगढ़ के एक मजदूर के दो बेटों बृजेश सरोज और राजू सरोज ने पहले ही प्रयास में आईआईटी जेईई में अच्छी रैंक हासिल की तो मुख्यमंत्री अखिलेश ने उनसे मिलने और हौसलाअफजाई करने का मौका नहीं गंवाया।

सोशल मीड‌िया से सीएम पहुंचे इन तक, पढ़ें इनकी कहानी

11 of 15
दोनों भाइयों के अलावा मैनपुरी के अभिषेक कुमार कमलवंशी को 23 जून को अपने आवास पर बुलाकर सम्मानित किया और आर्थिक सहायता देकर कॅरिअर आगे बढ़ाने का हौसला दिया।

सोशल मीड‌िया से सीएम पहुंचे इन तक, पढ़ें इनकी कहानी

12 of 15
एक जुलाई को अमर उजाला मेधावी सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री अखिलेश ने 12वीं के छात्र प्रशांत समाधिया को लखनऊ में सम्मानित किया।

सोशल मीड‌िया से सीएम पहुंचे इन तक, पढ़ें इनकी कहानी

13 of 15
इसके बाद सीएम को झांसी जाना था। जब उन्हें पता चला कि झांसी में प्रशांत की बहन का भी सम्मान होना है तो अखिलेश उसे अपने साथ हेलीकॉप्टर से झांसी ले गए। आखिर मेधावी प्रशांत अपनी बहन को भी सम्मानित होते देख सका।

सोशल मीड‌िया से सीएम पहुंचे इन तक, पढ़ें इनकी कहानी

14 of 15
सिर्फ 15 साल की उम्र में लखनऊ यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहीं सुषमा वर्मा को सीएम ने 27 सितंबर को सम्मानित किया। उन्होंने सुषमा की मेधा को सराहा।
विज्ञापन

सोशल मीड‌िया से सीएम पहुंचे इन तक, पढ़ें इनकी कहानी

15 of 15
ये हैं मिर्जापुर के रामजीत यादव। 60 साल के रामजीत दूध की केन लेकर नाव से गंगा नदी पार कर रहे थे। नाव में 15 स्कूली बच्चे भी थे। अचानक नाव डूबने लगी। वे तीन बच्चों को लेकर कूद गए। किनारे पहुंचाने के बाद लौटे और एक-एक कर सभी बच्चों को बचा लिया। उनके साहस को सलाम करते हुए सीएम ने 27 सितंबर को उन्हें अपने आवास पर सम्मानित किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें