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श्रवण साहू मर्डर: अंतिम यात्रा में बेसुध हुए परिजन, चौराहे पर तैनात सिपाहियों पर एक्शन

Thu, 27 Apr 2017 10:57 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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श्रवण साहू मर्डर
लखनऊ में बदमाशों के हाथों मारे गए बुजुर्ग श्रवण साहू के अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों की चीखें सुनकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। अंतिम संस्कार के कुछ देर पहले एसएसपी मंजिल सैनी भी वहां पहुंची थीं। वहीं सआदतगंज बड़ा चौराहा पर तैनात स‌िपाही धर्मवीर और व‌िजय को सस्पेंड कर ‌द‌िया गया साथ ही इंस्पेक्टर और आरआई भी सस्पेंड हो गए।
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श्रवण साहू मर्डर
बता दे क‌ि बुधवार देर शाम पुलिस और अपराधियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले कारोबारी श्रवण साहू (62) को बदमाशों ने घर में घुसकर भून डाला था।
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मर्डर - फोटो : amar ujala
मौके पर पहुंची मंजिल सैनी और डीआईजी प्रवीण कुमार को लोगों के जबरदस्त गुस्से का सामना करना पड़ा था। हत्या के बाद से इलाके का माहौल तनावपूर्ण है।

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मंज‌िल सैनी
आज एसएसपी के पहुंचने पर लोगों ने फिर से व‌िरोध क‌िया। वहीं आज उनके अंतिम संस्कार पर जनसैलाब उमड़ा, परिजनों की चीखें सुन वहां मौजूद हर किसी का कलेजा कांप गया। बता दें क‌ि श्रवण के बेटे आयुष की 16 अक्तूबर 2013 को ठाकुरगंज के कैंपबेल रोड पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात से श्रवण के परिवारीजन तीन साल से दहशत की जिंदगी जी रहे थे।  
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मर्डर - फोटो : amar ujala
एक बेटा सुनीत घर के पास ही मेडिकल स्टोर चलाता है जबकि बेटी स्वाति घर पर रहती है। एक बेटी की की शादी हो चुकी है। दहशत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि परिवार के सदस्य घर से सिर्फ मेडिकल स्टोर तक ही आते-जाते थे। इस दहशत को वर्दीधारियों ने और बढ़ा दिया। 
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मर्डर
जिस पुलिस से उन्हें सुरक्षा की उम्मीद थी, वही उनके खिलाफ अपराधियों से मिलकर साजिश में जुट गई। साजिश का पूरा चक्रव्यूह रच डाला। बहरहाल श्रवण के भाग्य ने साथ दिया और वे चक्रव्यूह में फंसने से बच गए। खाकी पर जो इस परिवार को थोड़ा-बहुत भरोसा था वह भी उठ गया। श्रवण के परिवारीजनों का कहना है कि पुलिस की साजिश सामने आने के बाद दहशत से घर से निकलना बंद कर दिया था। 
 
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मर्डर
अकील के इशारे पर श्रवण को फंसाने की साजिश रचने वाले  क्राइम ब्रांच के दरोगा धीरेंद्र शुक्ला, सिपाही धीरेंद्र यादव और अनिल सिंह सहित कई दरोगा-सिपाहियों के नाम सामने आए। खाकी के वेष में इन अपराधियों ने तो बेगुनाहों को जेल भेजने में भी हिचक नहीं दिखाई। असलहे का इंतजाम तक कर डाला। 
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मर्डर
अपने ही विभाग की आंखों में धूल झोंकने के लिए अपने ‘कुकर्म’ को गुडवर्क में तब्दील करने में जुट गए। यह सब जांच में सामने आया। एसएसपी ने दरोगा धीरेंद्र शुक्ला और सिपाही धीरेंद्र यादव व अनिल सिंह को बर्खास्त कर दिया। इसके अलावा 16 अन्य पुलिसकर्मियों पर कार्रर्वाई हुई थी।
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