दरअसल, यूपी विधानसभा में बसपा के 19, सपा के 47 व कांग्रेस के सात विधायक हैं। ऐसे में बसपा के प्रत्याशी को राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए जरूरी 37 विधायकों के समर्थन के लिए सपा के अतिरिक्त वोटों के साथ ही कांग्रेस के अलावा अन्य दलों से भी समर्थन की आस है। पर, लोकसभा उपचुनाव, राज्यसभा व विधान परिषद चुनाव के लिए सपा और बसपा के बीच समर्थन के प्रयोग पर सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने ही सवाल उठा दिए। उन्होंने उपचुनाव में किसी से गठबंधन करने पर सपा का ही नुकसान होने की बात कही है। सपा में कम से कम पांच-छह विधायक शिवपाल के इशारे पर चलने वाले माने जाते हैं। ऐसे में बसपा को इस बात का भरोसा शायद नहीं हो रहा है कि सपा के सभी अतिरिक्त वोट उसे मिल सकेंगे।