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शिया व सुन्नी उलमा का एलान, वसीम रिजवी मुसलमान नहीं, कब्रिस्तान में दफनाया भी नहीं जा सकता, परिवार ने भी तोड़ा रिश्ता

Mon, 15 Mar 2021 01:48 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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वसीम रिजवी के विरोध में बड़े इमामबाड़े के सामने पहुंचे लोग - फोटो : अमर उजाला
शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी के कुरान मजीद से 26 आयतों को हटाने के बयान और सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका के विरोध में रविवार को शिया व सुन्नी उलमा ने एक मंच पर आकर वसीम को इस्लाम और कुरान का दुश्मन और आतंकवादी करार देते हुये उसके सामाजिक बहिष्कार का एलान किया।

उलमा ने वसीम को मुरतद यानि दीन से खारिज बताते हुए कहा कि अब वह मुसलमान नहीं हैं, लिहाजा उन्हें मुस्लिम कब्रिस्तान में दफनाया भी नहीं जा सकता है। यहां तक कि कोई भी आलिम उसके जनाजे की नमाज भी न पढ़ाये। उलमा ने केन्द्र व राज्य सरकार को ज्ञापन प्रेषित कर वसीम को गिरफ्तार करने की मांग की। साथ ही मांग की गई कि सुप्रीम कोर्ट उसकी याचिका खारिज कर भारी जुर्माना लगाने और आतंकवाद फैलाने के जुर्म में मामला दर्ज करे। तय हुआ कि 19 मार्च को जुमे की नमाज के बाद दिल्ली की जामा मस्जिद पर शिया व सुन्नी समुदाय मिलकर बड़ी रैली करेंगे।
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वसीम रिजवी के पोस्टर पर आक्रोश जताता एक युवक - फोटो : अमर उजाला
दरअसल वसीम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कुरान मजीद से 26 आयतों हो हटाने की मांग की थी। वसीम का तर्क है कि कुरान की ये आयतें आतंकवाद को बढ़ावा देती हैं। वसीम के बयान और याचिका के विरोध में उलमा ने ताहफ्फुजे कुरान रैली का आयोजन किया था। बड़ा इमामबाड़ा के सामने अजादारी रोड़ पर विरोध प्रदर्शन में शिया और सुन्नी समुदाय के सैकड़ों लोगों ने शामिल होकर अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे मजलिस उलेमा ए हिन्द के महासचिव एवं इमामे जुमा मौलाना सैयद कल्बे जव्वाद नकवी ने कहा कि वसीम ने कुरान से आयतें हटाने की बात कह कर कुरान का अपमान किया है। इस तरह की मांग कोई भी मुसलमान नहीं कर सकता है। मौलाना ने कहा कि कुरान का अपमान करने वाला मुरतद यानि दीन से खारिज है। ऐसे में वसीम इस्लाम और कुरान का दुश्मन है और अब वह मुसलमान नहीं है। उसकी हरकत आतंकवादी की है लिहाजा वसीम का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।
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बड़े इमामबाड़े के सामने तैनात पुलिस - फोटो : अमर उजाला
मौलाना ने मुसलमानों से अपील करते हुये कहा कि वसीम और उसके साथियों का सामाजिक बहिष्कार करें और उसे किसी मजलिस, महफिल, शादी समारोह के साथ अन्य कार्यक्रम में शामिल न होने दे। मौलाना ने कहा कि ऐसा न करने वाला भी वसीम की तरह कुरान के अपमान का दोषी माना जाएगा और उसका भी सामाजिक बहिष्कार होगा। मौलाना जव्वाद ने कहा कि वसीम कुरान के अपमान का दोषी और पैगम्बरे इस्लाम मोहम्मद सल्ल. की सुन्नत के लिहाज से ऐसा इंसान मुसलमान नही हो सकता, इसलिये वसीम अब किसी भी मुस्लिम संगठन और बोर्ड का सदस्य नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इस बिन्दु पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिये। अब उसे किसी भी मुस्लिम संस्थान में नहीं लाया जा सकता है। मौलाना ने कहा सरकार अगर उसे गिरफ्तार नहीं करती है तो समझा जाएगा कि सरकार भी उसका समर्थन कर रही है। उन्होंने कहा कि जब तक वसीम की गिरफ्तारी नहीं होगी आंदोलन जारी रहेगा। सुप्रीम कोर्ट के वकील महमूद प्राचा ने कहा कि वसीम की हरकतों से साबित होता है वह भारत विरोधी ताकतों का एजेंट है। उसके खिलाफ एनआईए से जांच कराकर सजा दिलवाई जाये।

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वसीम रिजवी के विरोध में बड़े इमामबाड़े के सामने पहुंचे लोग - फोटो : अमर उजाला
सुन्नी धर्मगुरू मौलाना सलमान नदवी ने मुस्लिम एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारे बीच तौहीद, पैगम्बर और कुरान को लेकर मतभेद नहीं है। पदमभूषण स्व. मौलाना कल्बे सादिक के बेटे मौलाना कल्बे सिब्तैन नूरी ने कहा कि कुरान अल्लाह का कलाम है, इसमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ईरान सहित कई उलमा का फतवा है कि कुरान का अपमान करने वाला मुसलमान नहीं है। उन्होंने तालकटोरा कब्रिस्तान के मुतवल्ली से अपील करते हुये कहा कि वसीम ने अपने लिये जो कब्र की जगह तय की है वो किसी आलिम को दे दी जाये क्योंकि मुस्लिम कब्रिस्तान में उन्हें नहीं दफनाया जा सकता है।
नाराज लोगों ने रिजवी की हयाती कब्र का तोड़ा पत्थर : वसीम को दीन से खारिज व बहिष्कृत करने के एलान के बाद नाराज लोगों ने रविवार शाम को कर्बला तालकटोरा स्थित वसीम रिजवी की हयाती कब्र का पत्थर तोड़ दिया। वसीम ने अपनी जिंदगी में ही कर्बला तालकटोरा में अपनी हयाती कब्र की जगह ली थी। 
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वसीम रिजवी के विरोध में बड़े इमामबाड़े के सामने पहुंचे लोग - फोटो : अमर उजाला
विरोध प्रदर्शन में टीले वाली मस्जिद के इमाम मौलाना फजले मन्नान रहमानी, मौलाना मोहम्मद मुजम्मिल नदवी, मौलाना निसार अहमद, मौलाना मुनतजिर जाफरी, मौलाना तनवीर अब्बास, मौलाना मोहम्मद मूसा, सफीपुर दरगाह से हसनैन बकाई, मोहम्मद मिशन से बाबर अशरफ किछौछवी, अहमद मियां, मौलाना रजा हुसैन, हिन्दू समाज से स्वामी सारंग ने वसीम के बयान की निंदा करते हुये उसकी गिरफ्तारी की मांग की। उलमा ने कहा कि कुरान में एक शब्द का भी फरेबदल नही किया जा सकता है।
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वसीम रिजवी के विरोध में बड़े इमामबाड़े के सामने पहुंचे लोग - फोटो : अमर उजाला
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं और पुरुषों ने वसीम के पोस्टर को पैरों से रौंद कर और चप्पलों से पीट कर अपनी नाराजगी जताई। यहां तक कि वसीम के नाम के आगे से रिजवी हटाकर मुरतद शब्द का इस्तेमाल कर नारेबाजी की। कुरान का अपमान करने पर वसीम रिजवी के छोटे भाई जहीर रिजवी ने वीडियो जारी कर वसीम से रिश्ता खत्म करने की बात की। उन्होंने कहा कि वसीम पूरी तरह से पूरी तरह पागल हो चुके हैं। उनका हमसे, मेरी मां सहित पूरे परिवार से किसी भी तरह का रिश्ता नही है। उन्होंने कहा कि वसीम से आगे भी कोई रिश्ता नही रखना चाहता है।
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