फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ayodhya: आध्यात्मिक वैभव के साथ वर्तमान से कदमताल कर रही अयोध्या, अब दिखने लगे हैं ये बदलाव, एक रिपोर्ट

Mon, 18 Dec 2023 05:27 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, अयोध्या
विज्ञापन
1 of 5
बदलती अयोध्या - फोटो : amar ujala
धर्म, संस्कृति और संस्कार की नगरी अयोध्या बदलाव के दौर में है। इसके बदलाव के प्रयास तो कई बार हुए, लेकिन नौ नवंबर 2019 को राम मंदिर पर फैसले के बाद यह सरकार के एजेंडे में शीर्ष पर आ गया। भव्य और दिव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ तो इसको केंद्र में रखकर अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय वैदिक सिटी के रूप में विकसित करने पर काम शुरू हुआ।

इसके पीछे एक ऐसे शहर की कल्पना है, जो अतीत के आध्यात्मिक वैभव को समेटे हुए वर्तमान से कदमताल कर रहा हो। विकास की नई गाथा कह रहा हो। मसलन... रामभक्तों के लिए यातायात की सुविधाएं हों, अच्छी सड़कें, तेज रफ्तार रेलगाड़ियां, हवाई यात्रा की सुविधा हो। ठहरने के लिए गरीब से अमीर तक के लिए धर्मशालाएं और होटल हों। पेड़-पौधों और फूल पत्तियों से सुवासित एक ऐसा शहर, जहां पहुंचने वाले को शीतलता का अनुभव हो। तपस्या के लिए संतों की छावनियां और सरयू से साक्षात्कार की व्यवस्था हो। इसके लिए अयोध्या के वास्तु को यथावत रखते हुए भवनों के रंग-रूप एक जैसे किए जा रहे हैं। नए भवनों को मंदिरों का स्वरूप देकर मंदिरों के शहर का अहसास कराने की कोशिश है। नए भवनों का निर्माण हो रहा है। नागरिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

कोरोना काल न आया होता अब तक इस शहर की रंगत कुछ और ही होती। हालांकि, कोशिश है कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ इसका वैभव निखरकर सामने आ जाए। इन चार वर्षों में अयोध्या में अब तक क्या कुछ बदल पाया है और क्या बदलने वाला है... इस रिपोर्ट के जरिये आप भी जानिए-समझिए।
विज्ञापन

2 of 5
महोबरा चौराहे पर लगा चूड़ामणि यंत्र। - फोटो : amar ujala
परिक्रमा पथ बन रहे फोरलेन
-पुण्य प्राप्ति के लिए अयोध्या की पंचकोसी, चौदहकोसी और 84 कोसी परिक्रमा की जाती है। इन सड़कों का चौड़ीकरण और सुंदरीकरण कराया जा रहा है।
-1500 करोड़ रुपये से पंचकोसी और चौदहकोसी परिक्रमा पथ को फोरलेन बनाया जाएगा। जमीन ले ली गई। निर्माण शुरू कराने की तैयारी है। परिक्रमा पथ के किनारे नागिरक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
-7000 करोड़ से 84 कोसी परिक्रमा पथ का निर्माण शुरू कराया जा रहा है। 235 किमी लंबे परिक्रमा पथ के कुछ हिस्से की जमीन लेने का काम चल रहा है। कुछ हिस्से के लिए टेंडर जारी किया गया है।

ग्रीन फील्ड होगा अयोध्या का नया शहर
-लगभग तीन हजार करोड़ की लागत से 1852 एकड़ भूमि पर नया शहर बसाए जाने का काम शुरू हो गया है। इसमें मठ-धर्मशालाओं को जमीन का आवंटन शुरू कर दिया गया।

जाम से निजात के लिए छह रेलवे ओवरब्रिज
रीडगंज रेलवे ओवरब्रिज बनकर तैयार हो गया। अब लगभग 550 करोड़ रुपये की लागत से बड़ी बुआ, दर्शनगर, सूर्य कुंड, फतहेगंज, हाईवे, दर्शननगर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है।

व्यवस्थित विकास के लिए मास्टर प्लान
-अयोध्या विकास प्राधिकरण पहले चरण में 133 वर्ग किमी का मास्टर प्लान लागू कर चुका है। दूसरे चरण में लगभग 700 वर्ग किमी का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।

नए भवन व संस्थान ले रहे आकार
-अयोध्या में तीर्थों के विकास के लिए अयोध्या तीर्थ विकास परिषद का गठन किया गया है। इससे अयोध्या में फैले तीर्थों के साथ ही नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। जल्द ही इसका भवन भी तैयार होगा।
-विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय बनाया जाएगा। इसमें देश के विभिन्न मंदिरों की वास्तुशैली को दिखाया जाएगा। सरकार से इसकी मंजूरी दे दी गई। अब जमीन की व्यवस्था पर काम चल रहा है।
विज्ञापन

3 of 5
धर्मपथ पर स्थापित किए गए सूर्य स्तंभ। - फोटो : amar ujala
अयोध्या के चारों तरफ फैल रहा सड़कों का जाल
-सुगम यातायात के लिए सड़कों का विस्तार किया जा रहा है। 1500 करोड़ रुपये की लागत से अयोध्या-जगदीशपुर हाईवे का 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। 400 करोड़ की लागत से अयोध्या-अकबरपुर-बसखारी फोरलेन हाईवे का आधे से ज्यादा काम पूरा।
-जाम से निजात दिलाने के लिए 67 किमी लंबे रिंगरोड का निर्माण कराया जा रहा है। 4000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला रिंगरोड अयोध्या, गोंडा और बस्ती से जाएगा। इसके लिए जमीन की खरीद अंतिम चरण में है।
-सहादतगंज से नया घाट तक हाईवे का आठ करोड़ रुपये से सुंदरीकरण किया जा रहा है। सहादतगंज से नया घाट के बीच 250 करोड़ की लागत से फोरलेन सडक़ बनाए जाने की घोषणा की गई है।

4 of 5
- फोटो : amar ujala
बदलाव जो अब दिखने लगे
- अयोध्या शहर अब एक रंग रूप में दिखेगा। यहां कामन बिल्डिंग कोड( समान भवन संहिता) लागू की गई है। अयोध्या विकास प्राधिकरण से सभी प्रमुख पथों के किनारे के भवनों के फसाड निर्माण का काम कराया जा रहा है।
- गुप्तारघाट में घाट और सड़क का निर्माण व सुंदरीकरण का काम कराया गया। तीसरे चरण में 16 करोड़ की लागत से अवशेष सुंदरीकरण का काम कराया जा रहा है।
- ढाई करोड़ रुपये की लागत से सीता झील का निर्माण कराया जा रहा है। इसके पहले चरण का काम लगभग पूरा हो गया है।
- मुक्ति/बैकुंठ धाम में पारंपरिक अंतिम संस्कार चैंबर का निर्माण कराया जा रहा है।
- पर्यटन के लिए शहर में लाल डिग्री, गुप्तारघाट और सूर्य कुंड का विकास किया गया है। यह पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
- अयोध्या के 84 कोस में स्थित दर्जन भर धार्मिक स्थलों पर पर्यटन विभाग की ओर से जीर्णोद्धार और नागरिक सुविधाओं का विकास कराया जा रहा है।
- अयोध्या में पहले पर्यटक स्थल के रूप में पहले चरण में समदा झील को बर्ड सेंचुरी के रूप में विकसित किया गया। इस पर लगभग आठ करोड़ रुपये खर्च किए गए।

सीवर लाइन से लेकर पार्क तक सुधर रहे
- शहर में पहले चरण में लगभग 134 किमी सीवर लाइन बनाने का काम अंतिम चरण में है।
- नमामि गंगे परियोजना के तहत नालों के गंदे पानी को सरयू में गिरने से पहले शुद्धीकरण कराए जाने का प्रस्ताव है।
- शहर के 33 पार्कों के कायाकल्प का काम पूरा हो गया है। वन और उद्यान विभाग की ओर से विभिन्न पथों पर पेड़-पौधों, फूल के पौधे लगाए जा रहे है। वनों का विकास प्रस्तावित है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
लता मंगेशकर चौक। - फोटो : amar ujala
हाईवे व अच्छी सड़कों से जोड़े जा रहे धर्मस्थल
-भगवान श्रीराम के भाई भरत की तपस्थली भरतकुंड को जोड़ने के लिए दो लेन मार्ग का निर्माण पूरा हो गया। 54 करोड़ रुपये खर्च हुए।
-हाईवे से महोबरा बाजार होते हुए श्रीराम जन्मभूमि तक लगभग 45 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन का निर्माण पूरा होने वाला है।
-भगवान श्रीराम के पिता चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ की समाधि स्थल बिल्वहरि घाट से अयोध्या तक 400 करोड़ रुपये से फोरलेन हाईवे का निर्माण कराया जा रहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें