बसपा सुप्रीमो मायावती के सिक्योरिटी ऑफिसर (पीएसओ) रहे और उनकी सैंडिल साफ करने पर चर्चा में आए पदम सिंह ने बुधवार को भाजपा का दामन थाम लिया। बुधवार को यहां परिवर्तन रैली में वे भाजपा में शामिल हुए। आगरा के रहने वाले सिंह जाटव समुदाय से आते हैं।
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सिंह ने बताया कि वह 1985 से लेकर 2012 तक कई मुख्यमंत्रियों के सिक्योरिटी ऑफिसर के रूप में हमेशा मंचों पर पीछे खड़े होते रहे हैं। इनमें नारायण दत्त तिवारी, कल्याण सिंह से लेकर मायावती तक शामिल रही हैं।
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मगर, भाजपा ने उन जैसे दलित अफसर को मंच पर बैठने का अवसर दिया है, यह उनके जीवन का अहम दिन है। उन्होंने कहा, दलितों के लिए पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा किए जा रहे कामों से वे प्रभावित हैं।
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पहली बार दलितों को केंद्र में रखकर केंद्र की कोई सरकार काम कर रही है। उन्होंने बताया, 2010 में वह रिटायर हो गए थे। लेकिन तत्कालीन सरकार ने उनका कार्यकाल बढ़ा दिया। वह 2012 में सेवा से मुक्त हुए। तब से गांव-समाज से जुड़कर काम कर रहे थे। किसी भी पार्टी में नहीं गए थे। अब भाजपा के साथ जुड़कर समाज की सेवा करेंगे।
2011 में मायावती के औरैया दौरे के दौरान अपनी रूमाल से उनके सैंडिल साफ करने को लेकर पदम सिह खासी चर्चा में आए थे। वे लंबे अरसे तक मायावती की सुरक्षा में तैनात थे। बतौर डीएसपी पदम सिंह को 2004 में डकैतों से लोहा लेने के लिए वीरता के राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया था।