महानिदेशक, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज व अध्यक्ष, वैदिक विज्ञान केंद्र, लखनऊ प्रो. भरत राज सिंह ने बताया कि मौसमी बदलाव के चलते शरीर की सुस्ती दूर करने के लिए इस मौसम में संगीत को भी बेहद तेज बजाया जाता है, जिससे भी मानवीय शरीर को नई ऊर्जा प्रदान होती हैं। इसके अलावा रंग और अबीर जब शरीर पर डाला जाता है तो उसका शरीर पर अनोखा प्रभाव होता है। जब शरीर पर ढाक के फूलों से तैयार किया गया रंगीन पानी, विशुद्ध रूप में अबीर और गुलाल डालते है तो शरीर पर इसका सुकून देने वाला प्रभाव पड़ता है। यह शरीर को ताजगी प्रदान करता है। जीव वैज्ञानिकों का मानना है कि गुलाल या अबीर शरीर की त्वचा को उत्तेजित करते हैं और त्वचा के छिद्रों (पोरों) में समा जाते हैं और शरीर के आभा मंडल को मजबूती प्रदान करने के साथ ही स्वास्थ्य को बेहतर करते हैं और उसकी सुंदरता में निखार लाते हैं।