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Samwad 2025: 'लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है संवाद', आठ ग्राफिक्स में पढ़िए सीएम योगी का पूरा संबोधन

Thu, 17 Apr 2025 04:15 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

साल 2025 के पहले अमर उजाला संवाद का आगाज हो चुका है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में अमर उजाला संवाद कार्यक्रम की शुरुआत हुई। अमर उजाला के इस वैचारिक संवाद कार्यक्रम में कला, मनोरंजन, शिक्षा, राजनीति, सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी देश की जानी मानी शख्सियत, विचारक और विशेषज्ञ शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की। सीएम योगी ने संवाद कार्यक्रम को लेकर अमर उजाला को बधाई दी। ग्राफिक्स के जरिए पढ़िए सीएम योगी का पूरा संबोधन...
 
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'लोकतंत्र के एक सशक्त स्तंभ के रूप में शानदार 77 वर्षों की इस यात्रा के लिए अमर उजाला परिवार को मैं हृदय से बधाई देता हूं। लोकतंत्र की सशक्त आवाज है संवाद, लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है संवाद। कठिन से कठिन समस्या का समाधान का सशक्त माध्यम है संवाद। जहां संवाद बाधित होता है वहीं से संघर्ष के रास्ते प्रारंभ होते हैं। भारत का लोकतंत्र इतना सश्क्त है इसने अपने सभी स्तंभों के लिए लक्ष्मण रेखाएं भी तय की हैं, विधायकों को क्या करना है, कार्यपालिका की सीमाएं क्या हैं और न्याय पालिका की रचनात्मक भूमिका कैसे आगे बढ़ सकती है। वहीं, मीडिया भी किस रूप में अपनी जीवंत उपस्थिति के माध्यम से एक आम नागरिक को अपने साथ जोड़ सकती है। ये चारों स्तंभ अपनी लक्ष्मण रेखाओं का पालन करते हुए जब भी कार्य करेंगे तो ये मानकर चलिए वो लोकतंत्र को और भी पुष्ट करेगी। लोकतंत्र उतना ही आगे फलेगा-फूलेगा और अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति की आवाज को उतना ही मजबूती के साथ हर स्तर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।'
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
सीएम ने कहा, 'शासन की सभी प्रणालियों में लोकतंत्र को सबसे अच्छा इसलिए भी माना गया है। क्योंकि हर व्यक्ति को बिना भेदभाव के एक समान अधिकार के साथ, समान मूल्यों के साथ जीने की पूरी स्वतंत्रता होती है। अगर हमें कही स्वतंत्रता मिली है अधिकार मिले हैं, तो उस अधिकार के संरक्षण के लिए अवश्यक है कि हम अपने कर्तव्यों का निर्वहन उसी इमानदारी के साथ करें। सदैव से चला है कर्तव्य और अधिकारों के बीच में सदैव से एक द्वंद रहा है। कौन भारी है। कौन ज्यादा सश्क्त है। याद रखना कोई भी अधिकार तभी सुरक्षित है, जब तक वो अपने कर्तव्यों का इमानदारी से निर्वहन कर रहा है। अगर वो अपने कर्तव्यों से तनिक भी भटका तो उसके सामने स्वंय एक संकट उसके अस्तित्व का आ खड़ा होता है।'
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
सीएम ने कहा, 'संवाद का ये कार्यमक्रम अमर उजाला परिवार ने आज यहां प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित किया है। लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी एक पौराणिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से ही है। अपने साथ एक विरासत लेकर चला है। एक लंबी परंपरा है। आज के लखनऊ को, जो उत्तर प्रदेश का केंद्र बिंदु है। पूरे उत्तर प्रदेश के लिए जो भी नीतियां बनती हैं, उसका केंद्रबिंदु है, स्वभाविक रूप से इस संवाद का यह कार्यक्रम लखनऊ के माध्यम से 25 करोड़ जनमानस तक न केवल पहुंचेगा, बल्कि उन 25 करोड़ लोगों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व भी संवाद के माध्यम से इस मंच पर प्रभावी ढंग से इन दो दिनों के अंदर होता दिखाई देगा। मैं सबसे पहले इसकी हृदय से शुभकामान अमर उजाला परिवार को देता हूं।'

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
सीएम योगी ने कहा, 'आज के इस संवाद कार्यक्रम पर मैं कहूंगा कि अमर उजाला एक शानदार यात्रा के साथ आगे बढ़ा हैं। 77 वर्षों की इस यात्रा को आगे कैसे लेकर चलना है, आजादी के एक वर्ष के बाद  1948 में अमर उजाला प्रकाशित होता है। 1948 से लेकर 2025 तक यह 77 वर्ष की यात्रा आज आपकी पूरी हो रही है। स्वभाविक रूप से आपने भी प्रधानमंत्री जी के संकल्प के साथ अपने आप को जोड़ा हुआ है। 2047 में यह देश अपना शताब्दी महोत्सव मना रहा होगा। 1947 का भारत कैसा होगा और 2048 में मीडिया की भूमिका क्या होगी। यह बात अमर उजाला के पाठकों को बतानी होगी कि कैसे 100 वर्षों के इस सफर में उन्होंने अपनी विकास यात्रा को कैसे अंजाम दिया। समग्र विकास में नौजवानों के लिए, अन्नदाता किसानों के लिए, श्रमिकों के लिए और समाज के अलग-अलग तबकों के लिए किस भूमिका के साथ हमने अपने कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया। अनेक रचनात्मक कार्यक्रमों के साथ अमर उजाला परिवार कार्य करता है। यहां पर अतुल माहेश्वरी जी के नाम पर स्कॉलरशिप के कार्यक्रम चलते हैं। मेधावी छात्रों से संबधित कई कार्यक्रमों में मैंने भी हिस्सा लिया है। दिव्यांगों के लिए भी यह कई कार्यक्रम चलाते हैं। अन्य अनेक रचनात्मक कार्यक्रम होते हैं।'
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
सीएम योगी ने कहा कि जैसे आज मुर्शिदाबाद जल रहा है, याद कीजिए 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में भी ऐसे ही होता था। मुजफ्फरनगर में छह महीने तक दंगा हुआ। बरेली के लिए तो जैसे साल में चार दंगे पेटेंट हो गए थे। अलीगढ़, लखनऊ , कानपुर जैसे जिलों में दंगे होते थे। लोग डर में रहते थे, व्यापारी व्यापार करने से घबराता था। आज तो दंगा नहीं होता। आज उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त है। 

सीएम योगी ने कहा, 'पूरा भारत कुंभ में आया। 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज की धरती पर आया। कही भी लूट की घटना नहीं, चोरी की घटना नहीं, अपहरण की घटना देखने को नहीं मिली। इस दौरान कोई आपराधिक घटना नहीं हुई। आतिथ्य सत्कार का उदाहरण कैसे प्रस्तुत होना चाहिए। यह उत्तर प्रदेश वासियों ने और प्रयागराजवासियों ने उसका एक अद्भूत परिचय देकर देश के अंतःकरण में एक छाप छोड़ी है। आखिर यह उत्तर प्रदेश बदला कैसे। ये तो वही उत्तर प्रदेश था, जहां हर दूसरे-तीसरे दिन दंगे होते थे।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने आगे कहा, जैसे आज मुर्शिदाबाद जल रहा है, याद करिए 17 के पहले उत्तर प्रदेश में भी ऐसे ही होता था। कभी मुजफ्फरनगर के दंगे। छह महीने तक चला था मुजफ्फरनगर का दंगा। बरेली, साल में चार दंगे तो उनके लिए जैसे पेटेंट हो गए थे। अलीगढ़, लखनऊ, कानपुर और न जाने कहां-कहां, कोई जिला ऐसा नहीं था। कोई पर्व या त्योहार आता था तो पर्व और त्योहार का उत्साह इसलिए मंद पड़ जाता था, सज्जन और शरीफ लोगों को आशंका होती थी कि पता नहीं दंगा की चपेट में कौन आ जाए। व्यापारी इसलिए व्यापार करने से घबराता था कि कब दंगा हो जाए और उसका सामान आग भेंट चढ़ जाए। आज तो दंगा नहीं होता है, आज तो उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त है। आज उत्तर प्रदेश हर पर्व और त्योहार को उसी उत्साह, उमंग के साथ मनाता है। क्या होली, क्या दीपावली, क्या ईद, क्या क्रिसमस, क्या गुरु पर्व... हर धर्म, संप्रदाय का त्योहार उसी उत्साह और उमंग से मनाया जा रहा है।''
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
'एक्सप्रेस-वे हमने बाद में 11,800 करोड़ रुपये में बनाया'
सीएम योगी ने कहा कि हम जब आए, तब बताया गया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे बन रहा है। जब समीक्षा की, तब बताया गया कि कार्य प्रारंभ ही नहीं हुआ। 2016 में बिना जमीन के शिलान्यास हो गया। 15,200 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट था। वही एक्सप्रेस-वे हमने बाद में 11,800 करोड़ रुपये में बनाया। ये वही लोग हैं, जो इंग्लैंड की यात्रा करते हैं और बाद में शराफत का चेहरा लेकर आपके बीच मीठी-मीठी बातें करने आते हैं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
सीएम ने कहा कि तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, असम, मणिपुर, त्रिपुरा से लोग महाकुंभ आए हैं। जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड़ समेत देश हर कोने से महाकुंभ में लोग पहुंचे। नेपाल और भूटान से काफी श्रद्धालु आए। दुनिया में इतना लंबा चलने वाला आयोजन, इतनी बड़ा आयोजन पहली बार प्रयागराज की धरती पर महाकुंभ के अवसर पर देखने को मिला। जिसे देखकर हर कोई अभिभूत था। 

उन्होंने कहा कि महाकुंभ में जो व्यवस्थाएं की थी उनसे संतुष्ट होकर श्रद्धालु जाते थे। जो भी महाकुंभ आया उसने उसकी तारीफ की। इन 45 दिनों में प्रयागराज के अंदर स्वच्छता की तारीफ हर किसी ने की। करोड़ों लोग आए, लेकिन कोई गंदगी नहीं हुई। कर कोई दो चीजों की जरूर तारीफ करता था, एक तो स्वच्छता और दूसरी पुलिस के व्यवहार को लेकर। पुलिसकर्मियों ने 16-16 घंटे तक श्रद्धालुओं की सेवा की। अलग-अलग विभाग के लोगों ने श्रद्धालुओं की सेवा की।

सीएम ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए जो व्यवस्थाएं की थीं उन व्यवस्थाओं से अभिभूत होकर हर व्यक्ति जाता था। जो जाता था, वो त्रिवेणी का जल लेकर जाता था। जो आए थे वो तो खुद को सौभाग्य मानते ही थे। साथ ही जो किन्हीं कारणों से नहीं आए उनके लिए उनके घर तक गंगाजल पहुंचाने का कार्य वो श्रद्धालु करते थे जिससे वो भी प्रयागराज महाकुंभ के साक्षी बने।

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