अमौसी एयरपोर्ट पर हवाई पट्टी का विस्तार कानपुर रोड तक किया जाएगा। इसे यूरोपीय देशों की तर्ज पर विस्तार देने की तैयारी है। इसके तहत लखनऊ-कानपुर हाइवे नीचे अंडरपास से गुजारेगा, जबकि रनवे ऊपर होगा, जहां से विमान उड़ान भरेंगे। इस बाबत नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को पत्र लिखा गया है। इससे रनवे की लंबाई छह सौ मीटर तक बढ़ सकेगी। फिलहाल लंबाई 2,742 मीटर है।
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चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर यात्री सुविधाओं को लेकर लगातार प्रयास चल रहे हैं। अपग्रेडेड फायर फाइटिंग सिस्टम से लेकर करीब तेरह सौ करोड़ रुपये से नया टर्मिनल टी-3 बनाया जा रहा है। इसी क्रम में एयरपोर्ट के रनवे की लम्बाई बढ़ाने की कोशिशें पिछले काफी समय से चल रही हैं।
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फिलहाल रनवे की लंबाई पूर्वी छोर की ओर बढ़ाने पर जोर है। इसके लिए राज्य सरकार से जमीन मांगी जा रही है। एयरपोर्ट प्रशासन की माने तो इससे पांच सौ मीटर लम्बाई बढ़ जाएगी। एयरपोर्ट पर विमान सेवाओं के विस्तार के लिए रनवे की लंबाई का अंतरराष्ट्रीय मानक 3,500 मीटर है, जबकि अमौसी एयरपोर्ट का रनवे 2,742 मीटर है।
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ऐसे में पूर्वी छोर के अतिरिक्त रनवे की लम्बाई बढ़ाने के लिए पश्चिमी छोर का सहारा लिया जाएगा। इसके लिए लखनऊ-कानपुर हाइवे की ओर रनवे बढ़ाने का खाका तैयार किया जा रहा है। पूरा एयरपोर्ट करीब बारह सौ एकड़ में फैला हुआ है। एयरपोर्ट की काफी जमीन पश्चिमी छोर पर हाइवे के आगे पड़ी हुई है।
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हाइवे के अंडरपास से गुजरने पर एयरपोर्ट यह जमीन आसानी से रनवे विस्तार के लिए इस्तेमाल कर सकेगी। एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, इस ओर करीब 800 मीटर तक लंबाई बढ़ाई जा सकेगी। जबकि पूर्वी छोर पर रनवे की लंबाई पांच मीटर बढ़ जाएगी। हालांकि, हाइवे के ऊपर से रनवे गुजारने को लेकर काफी अड़चनें हैं, जिस पर मंथन शुरू हो गया है।
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चुनौती: ये बाधाएं रोक रहीं रास्ता
अमौसी एयरपोर्ट के पूर्वी छोर की ओर रनवे विस्तार में कई अड़चनें हैं। इसमें आवासीय कॉलोनियां प्रमुख समस्या हैं। चूंकि, खासी संख्या में आबादी उस ओर बस चुकी है, इसलिए विस्तार नहीं हो सकता, फिर एयरपोर्ट को जमीन के लिए राज्य सरकार का मुंह देखना पड़ रहा है। जबकि इसी ओर शहीद पथ भी बना हुआ है, जिससे रनवे को पांच सौ मीटर से ज्यादा नहीं बढ़ाया जा सकता।
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फायदा भी होगा: बढ़ेगा विमानों का कारवां, बढ़ेगी आमदनी
कानपुर रोड की ओर रनवे विस्तार होने के बाद अमौसी एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले विमानों का कारवां और बढ़ जाएगा। एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि 2017 में 5,182 अंतरराष्ट्रीय व 31,231 विमानों सहित कुल 36,413 विमान रवाना हुए। जबकि 2016 में कुल 29,356 विमानों ने उड़ान भरी थी। साल दर साल विमानों की संख्या बढ़ेगी और इससे एयरपोर्ट प्रशासन की आमदनी में भी इजाफा होगी, जिससे यात्री सुविधाओं को बढ़ाया जा सकेगा।
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यात्रियों को राहत, आसान होगा सफर
अमौसी एयरपोर्ट का रनवे बढ़ जाने के बाद पैसेंजरों की संख्या में भी इजाफे की उम्मीद जताई जा रही है। एयरपोर्ट से पिछले वित्तीय वर्ष में 7,39,030 अंतरराष्ट्रीय व 40,13,891 सहित कुल 47,52,921 पैसेंजरों ने सफर किया। जबकि 2016 में 39,79,444 पैसेंजरों ने यात्रा की। यानी वृद्घि जारी है। ऐसे में रनवे की लंबाई साढ़े तीन किलोमीटर हो जाने पर विमान बढ़ेंगे और पैसेंजरों को राहत होगी।
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तो रनवे पर उतर सकेंगे जम्बो जेट
रनवे का विस्तार होने से एयरलाइंस अधिक यात्री ढोने वाले जंबो जेट सहित अन्य बड़े जहाजों को अपने बेड़ों में शामिल करेंगी। एयरबस श्रेणी के नए विमानों को भी इसमें जोड़ा जा सकेगा।
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बनारस : इसी तर्ज पर विस्तार का खाका खींचा
बनारस के लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट का रनवे 2,745 मीटर लम्बा है। एयरपोर्ट के एक ओर लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग है तो दूसरी ओर रेलवे लाइन। ऐसे में रनवे की लंबाई बढ़ाने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने अनूठा उपाय निकाला और हाइवे को अंडरपास से गुजारने की योजना बनाई, जिस पर जल्द काम शुरू हो जाएगा। इससे बनारस एयरपोर्ट के विस्तार को गति मिलेगी। इसी की तर्ज पर ही अमौसी एयरपोर्ट के रनवे विस्तार का खाका खींचा जा रहा है।
‘बनारस एयरपोर्ट के रनवे विस्तार के लिए हाइवे को नीचे से गुजारने की योजना है। इसी तर्ज पर अमौसी एयरपोर्ट रनवे को कानपुर की ओर विस्तार देने के लिए नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) से बातचीत हुई थी। ताकि हाइवे को अंडरपास से गुजारा जा सके। फिलहाल इस बारे में ठोस फैसला नहीं हुआ है। चूंकि, उधर मेट्रो भी है, इसलिए फीजिबिलिटी चेक की जाएगी।’ - एके शर्मा, निदेशक, अमौसी एयरपोर्ट