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लखनऊ: डीएफओ के पूरे परिवार को बंधक बनाकर डकैती, तस्वीरें

Sun, 28 Aug 2016 09:21 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ के गोमतीनगर स्थित विभूति खंड थाने की पॉश कॉलोनी विराज खंड में शनिवार देररात सात नकाबपोश डकैतों ने अंबेडकरनगर में तैनात डीएफओ अशोक कुमार शुक्ला के पूरे परिवार का बंधक बनाकर ढाई घंटे घर खंगाला। इसके बाद डकैत सभी लोगों को अलग-अलग कमरों में बंद करके फरार हो गए।
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डीएफओ ने किसी तरह हाथ पैर खोले और डकैतों की नजर से बचे सीयूजी मोबाइल से पुलिस को कॉल की। डीआईजी व एसएसपी के साथ कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची।
 
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क्राइम ब्रांच, सर्विलांस सेल, फील्ड यूनिट व डॉग स्क्वॉयड बुलाकर डकैतों की तलाश शुरू की गई। डीएफओ ने तहरीर में गहनों की कीमत व रकम का उल्लेख नहीं किया है।
 

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एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि अंबेडकरनगर में तैनात डीएफओ अशोक कुमार शुक्ला शनिवार रात विराज खंड स्थित अपने आवास के प्रथमतल पर बेडरूम में सो रहे थे। दूसरे कमरे में बेटा पार्थ सोया था। भूतल पर पत्नी निशा शुक्ला व बेटी नेहा अलग-अलग बेडरूम में सो रही थी।
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साइड के गेट से सटे सर्वेंट रूम में श्रावस्ती के गांव चहलवा निवासी हरीराम सो रहा था। वह भी अंबेडकरनगर वन विभाग में माली है। रात 1:45 बजे हरीराम आहट सुनकर जागा। जाली के दरवाजे से झांकने पर किसी के दीवार कूदने का अहसास हुआ। माजरा समझने के लिए कमरे से निकला ही था कि बाहर खड़े नकाबपोश बदमाशों ने उसे दबोच लिया। (जांच के दौरान पुलिस अधिकारी।)
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बकौल हरीराम, मुंह में उसी की शर्ट ठूंसने के साथ पिटाई की और हाथ पीछे की तरफ करके चादर से बांध दिए। इसके बाद सात बदमाशों ने सब्बल से दरवाजा तोड़ा। प्रथम तल पर बेडरूम के दरवाजे को धक्का मारकर तोड़ने के साथ डीएफओ को पकड़ा।
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शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देने के साथ पिटाई करके हाथ बांधे। उनके मुंह में भी कपड़ा ठूंसा। इस बीच अन्य बदमाशों ने दूसरे बेडरूम का दरवाजा तोड़कर पार्थ को पीटकर बांधा। भूतल के बेडरूम से निशा और नेहा को भी धमकाने के साथ पिटाई करके हाथ बांधे। (आसपास के इलाकों में छानबीन करतीं एसएसपी मंजिल सैनी।)

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पांचों लोगों को एक ही कमरे में ले जाकर बंधक बनाया। सभी के मोबाइल छीने। अभद्रता के साथ निशा व नेहा से गहने उतरवाए। चाभियों के बारे में पूछा, फिर नेहा को साथ लेकर सभी कमरों में सेफ, सूटकेस व अलमारियां खंगालीं। नगदी व गहने बटोरे। छुपाए माल की तलाश में किचन में रखे अनाज व मसालों के डिब्बे खंगाले। (आसपास के इलाकों में छानबीन करतीं एसएसपी मंजिल सैनी।)

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ढाई घंटे तांडव मचाते रहे डकैत
वारदात से सहमी निशा शुक्ला ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि डकैतों ने ढाई घंटे उनके घर में तांडव मचाया। हाथ पीछे की तरफ बंधे व मुंह में कपड़ा ठूंसा होने से कोई भी शोर मचाने की स्थिति में नहीं था। सबसे पहले नेहा ने किसी तरह अपने हाथ खोले।

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डकैतों की नजर से बचा सीयूजी मोबाइल
अशोक कुमार शुक्ला ने एएसपी क्राइम डॉ. संजय कुमार को जानकारी दी कि डकैतों ने सभी लोगों के मोबाइल छीनकर तोड़े और कब्जे में लिए रहे लेकिन, बेडरूम में चार्जिंग पर लगा उनका सीयूजी मोबाइल बच गया था। बंधन मुक्त होने पर उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम कॉल करके वारदात की सूचना दी। (एसएसपी ने आसपास की बस्तियों में अपनी टीम के साथ पूछताछ की।)

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किचन में मिले मोबाइल
डीएफओ व उनके परिवारीजनों के मोबाइल छीने जाने पर पुलिस अफसरों ने लोकेशन ट्रेस करके डकैतों तक पहुंचने की योजना बनाई लेकिन, किचन में सभी के मोबाइल मिलने से उनके इरादे पर पानी फेर दिया।

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घुमंतू गैंग पर शक
डीएफओ अशोक कुमार शुक्ला के घर से पांच सौ मीटर पर भरवारा रेलवे क्रॉसिंग और एक किमी. पर मल्हौर रेलवे स्टेशन है। एसएसपी मंजिल सैनी ने घुमंतू गिरोह पर शक जताते हुए एक टीम को शाम छह से सुबह छह के बीच मल्हौर स्टेशन पर रुकी ट्रेनों का ब्यौरा लेकर डकैतों की तलाश के आदेश दिए।
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क्राइम ब्रांच को सीसीटीवी फुटेज व मोबाइल नंबरों को खंगालने के साथ अन्य तरीकों से डकैतों का पता लगाकर पकड़ने को कहा।
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