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तो ऐसी होती है प्यार के 'क्लब डिजायर' की कशमकश

Sun, 05 Jan 2014 04:08 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, लखनऊ
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रेपट्वा के तहत शनिवार को संगीत नाटक अकादमी में नाटक क्लब डिजायर का मंचन हुआ। सपन सरन लिखित नाटक की खासियत यह रही कि इसमें हिंदी काव्य और रॉक म्यूजिक का बेहतरीन मिश्रण रहा।
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तो ऐसी होती है प्यार के 'क्‍लब डिजायर' की कशमकश

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नाटक की कहानी सिंगर चाहत के लव ट्राइंगल के आसपास घूमती है। सामान्य सी थीम पर होने के बावजूद सुनील शनबग के निर्देशन ने नाटक को मनोरंजक बना दिया।
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चाहत खुद से लड़ते हुए अपने विचारों से बार-बार टकरा रही थी। समझ नहीं पा रही थी कि जयम के साथ प्यार के बंधनों में बंध जाए या फिर अबीर के साथ स्वछंद व मुक्त आकाश की सैर करे।

तो ऐसी होती है प्यार के 'क्‍लब डिजायर' की कशमकश

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जयम उसे प्यार करता था, जबकि डीजे अबीर उसके संगीत को पहचानता था। जयम उसके लिए कविताएं लिखता और अबीर उसके संगीत को सराहता।
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दोनों में से किसी एक को चुनने की कशमकश में चाहत ने जयम से प्यार और डीजे अबीर के साथ शारीरिक संबंध बनाने का निर्णय लिया।
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चाहत के किरदार में मानसी पारेख गोएल बिलकुल सटीक नजर आईं। रॉक सिंगर के स्तर पर उनकी आवाज ने काफी साथ दिया। जयम की भूमिका में फैसल राशिद ने ट्रू लवर की फीलिंग लाने की अच्छी कोशिश की।
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रेपट्वा थियेटर फेस्ट में आज अंग्रेजी नाटक ‘न्वाइजेज ऑफ’ का मंचन किया जाएगा। निर्देशन अतुल कुमार का है और कहानी एक महत्वाकांक्षी निर्देशक और मध्यम स्तर के कलाकारों की है।
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