बहु धनुहीं तोरी लरकाई... और बिप्र बंस की अस प्रभुताई...। लखनऊ में रामलीला मंचन में शुक्रवार को बारिश के बीच लक्ष्मण-परशुराम के गरजते संवादों से पंडाल गूंजा। ऐशबाग रामलीला में धनुष भंग के बाद सुकुमारी सीता ने रामजी के गले में वरमाला डाली तो मौसमगंज में जनकपुरी पहुंचे राम ने धनुष भंग किया।
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रामलीला
- फोटो : amarujala
ऐशबाग में रामलीला के अलावा लगातार दूसरे दिन भी अन्य रामलीलाओं के मंच पर बारिश ने खलल डाला। शुक्रवार को पांडालों और मंच पर पानी भरने से मंचन नहीं हो सका। बारिश के कारण ऐशबाग रामलीला में भी मंचन करीब तीन घंटे देरी से शुरू हुआ।
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रामलीला
- फोटो : amarujala
धनुष भंग के बाद यहां लक्ष्मण-परशुराम ने संवादों के दौरान अपनी त्यौरियां चढ़ाईं। चौपाइयों ने दृश्य-संवाद को रोचक बनाया। ऐतिहासिक ऐशबाग रामलीला में धनुष यज्ञ के बाद फुलवारी लीला हुई। सीता स्वयंवर हुआ। इससे पहले मंचन की शुरुआत स्वाति साहू ने नृत्य नाटिका से की।
कल की बची हुई लीला के बाद दूसरे दिन की रामलीला देर रात तक चली। मंच पर रामजी का पात्र राहुल ने किया। प्रियंका सीता बनी तो, भास्कर बोस दशरथ और परशुराम बने। बारिश के चलते चौक रामलीला में गणेश पूजन ही हो सका। खदरा, मौसमगंज, सदर, आलमबाग आदि नामी रामलीलाओं में दूसरे दिन पंडाल, मैदान में पानी भरने से मंचन न हो सका।