शहर में बुधवार से गंगा-जमुनी तहजीब के रंग दिखाई देने शुरू हो गए हैं। बुधवार से शुरू हो रहे पुरुषोत्तम मास में जहां मंदिरों में सुबह और शाम श्रद्धालु नारायण और महादेव की पूजा शुरू हो चुकी है, वहीं मुस्लिम समुदाय में रमजान की तैयारियां।
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खुदा की इबादत और भगवान की पूजा का अनोखा संयोग
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पुरुषोत्तम मास 16 जुलाई तक चलेगा, जबकि 18-19 जून से शुरू होने वाले रमाजन महीनों की रौनक अल सुबह से देर रात तक छाई रहेगी। यानी 17-18 जुलाई को ईद तक गंगा-जमुनी तहजीब की जुगलबंदी जारी रहेगी।
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खुदा की इबादत और भगवान की पूजा का अनोखा संयोग
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पुरुषोत्तम मास तीन साल में एक बार आता है। इसे स्वयं भगवान ने अपने नाम से जोड़ा था। यह मास धर्म और पुण्य कार्य करने के लिए सर्वश्रेष्ठ है। इस माह में पूजन-पाठ करने से अधिक पुण्य मिलता है। स्नान और दान से कल्याण होता है।
खुदा की इबादत और भगवान की पूजा का अनोखा संयोग
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रमजानुल मुबारक का चांद बुधवार को देखा जाएगा। चांद रात से ही रमजान पर इफ्तार व सहरी की तैयारी शुरू कर दी जाएगी। इसके साथ ही मस्जिदों में तिलावत और तरावीह का दौर शुरू हो जाएगा।
नमाजी देर रात तक इबादत करेंगे और बाजारों में लजीज पकवान का लुत्फ उठाएंगे। कश्मीरी चाय और शाही टुकड़ों की लज्जत रोजेदारों को शाम को अमीनाबाद व चौक खींच लाएगी।