उत्तर प्रदेश के राज्यपाल, श्री राम नाईक ने मंगलवार को मध्य कमान स्थित स्मृतिका जाकर 1965 युद्ध के शहीदों को अमर ज्योति पर पुष्प चक्र रखकर अपनी तथा प्रदेश की जनता की ओर से श्रद्वांजलि अर्पित की।
विज्ञापन
'पाकिस्तान को हमने बताया था कि हम किस मिट्टी के हैं'
2 of 7
इस अवसर पर मेजर जनरल राजीव के पंत, मेजर जनरल आरएस मालवे, ले. जनरल वी रविशंकर, सहित बिग्रेडियर, कर्नल, जूनियर कमिशन्ड आफिसर्स स्तर के अधिकारी व सेना के जवान उपस्थित थे।
विज्ञापन
'पाकिस्तान को हमने बताया था कि हम किस मिट्टी के हैं'
3 of 7
इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि 1965 के युद्ध में भारत की सेना ने पाकिस्तान को बता दिया कि भारत के लोग किस लहू या मिट्टी से बने हैं। सैनिकों की यह शहादत हमेशा याद रखी जाएगी।
'पाकिस्तान को हमने बताया था कि हम किस मिट्टी के हैं'
4 of 7
उन्होंने कहा कि देश की सेना धर्म, जाति, वर्ग आदि से परे होकर देश की रक्षा करती है। सेना के जवान केवल देश की सुरक्षा के बारे में विचार करते है। उन्होंने कहा कि आज का दिन सेना के प्रति आदरभाव व्यक्त करने का दिन है।
विज्ञापन
'पाकिस्तान को हमने बताया था कि हम किस मिट्टी के हैं'
5 of 7
श्री नाईक ने कहा कि वे कई बार स्मृतिका में जाबांज वीरों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने आये हैं। पहली बार 26 जुलाई, 2014 को कारगिल दिवस पर वीरों को आदरांजलि देने आये थे।
विज्ञापन
'पाकिस्तान को हमने बताया था कि हम किस मिट्टी के हैं'
6 of 7
इस वीर भूमि की रौनक बढ़ाने की भूमिका में उन्होंने विचार किया कि प्रदेश के तीनों परमवीर चक्र विजेताओं के भित्ति चित्र लगाना उचित होगा। इस संबंध में उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री, रक्षा मंत्रालय भारत सरकार तथा मध्य कमान के अधिकारियों से बात करके शाहजहाँपुर निवासी नायक जदुनाथ सिंह, गाजीपुर निवासी हवलदार अब्दुल हमीद तथा लखनऊ निवासी कैप्टन मनोज पाण्डेय के भित्ति-चित्र लगाने का प्रस्ताव दिया।
'पाकिस्तान को हमने बताया था कि हम किस मिट्टी के हैं'
7 of 7
इस कार्यक्रम में राज्यपाल ने सेना द्वारा 1965 के युद्ध से संबंधित लगायी गयी असल उत्तर, डोगरई, बर्की, हाजीपुर की शौर्यगाथा चित्र प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि 1965 के युद्ध में उत्तर प्रदेश के 107 जवान शहीद हुए थे।