अयोध्या में बन रहे भगवान श्रीराम का मंदिर तैयार होने के बाद कैसा दिखाई देगा...इसकी तस्वीरें सामने आई हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से तस्वीरें और वीडियो जारी किए गए हैं। अयोध्या में बन रहे भगवान श्रीराम के मंदिर का भूतल अप्रैल 2023 तक बनकर तैयार हो जाएगा। इस समय अवधि में स्ट्रक्चर खड़ा हो जाएगा। इसके बाद फिनिशिंग का काम जारी रहेगा। गर्भगृह में रामलला की स्थापना खरमास के बाद जनवरी 2024 में होगी। गर्भगृह में रामलला की स्थापना होते ही भक्तों को दर्शन भी प्राप्त होने लगेगा। श्रीराम जन्मभूमि में भव्य राममंदिर का गर्भगृह 160 स्तंभों पर टिका होगा। इसके पहले स्तंभ को जोड़ने का काम प्रारंभ कर दिया गया है। अब तक गर्भगृह में पत्थरों की कुल सात लेयर बिछायी जा चुकी है।
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Ram Mandir Pictures
- फोटो : सोशल मीडिया
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने 11 अक्तूबर को पत्रकारों को राममंदिर निर्माण की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि गर्भगृह जमीन से 30 फीट की ऊंचाई तक पहुंच चुका है।
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- फोटो : सोशल मीडिया
गर्भगृह के स्तंभों को जोड़ने का भी काम प्रारंभ कर दिया गया है। पहला स्तंभ जोड़ा जा रहा है। एक स्तंभ में सात पत्थरों को एक के ऊपर एक जोड़ा जाएगा। हर स्तंभ में देवी-देवताओं की 16 मूर्तियां भी उकेरी जाएंगी।
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Ram Mandir Pictures
- फोटो : सोशल मीडिया
जब गर्भगृह तैयार हो जाएगा, सभी स्तंभ लग जाएंगे तब स्तंभों में मूर्तियों को उकेरने का काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि खंभों के ऊपर बीम, बीम के ऊपर गर्भगृह की छत ढाली जाएगी। तीन मंजिला मंदिर की कुल ऊंचाई 161 फीट होगी।
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- फोटो : सोशल मीडिया
हर मंजिल 20 फीट ऊंची होगी। भूतल में जहां 160 स्तंभ वहीं प्रथम तल में 132 स्तंभ होंगे। तीसरे तल में कुल 74 स्तंभ होंगे। चंपत राय ने बताया कि जमीन से 16.5 फीट ऊंचाई पर गर्भगृह होगा। मंदिर में एक शिखर व पांच उपशिखर होंगे।
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राम मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने गर्भगृह निर्माण की प्रगति भी बताई। बताया कि गर्भगृह का काम जमीन से 30 फीट ऊंचाई तक पहुंच गया है। पत्थर बिछाने का काम गूढ़मंडप से आगे बढ़कर रंग मंडल व अब नृत्य मंडप तक पहुंच गया है।
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ram mandir
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि बारिश के चलते काम की गति प्रभावित हुई है। बताया कि पश्चिम दिशा में काफी जलभराव हो गया है। दो मशीनें कीचड़ में फंसी हुई हैं। इंजीनियरों के मुताबिक करीब एक माह अब इस दिशा में काम नहीं हो पाएगा।
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राम मंदिर परिसर का प्रस्तावित मॉडल
- फोटो : अमर उजाला
चंपत राय ने बताया कि मंदिर निर्माण की हर गतिविधि को कैमरे में कैद किया जा रहा है। टॉवर क्रेन में टाइम लैप्स कैमरा लगाया गया है, जिसके जरिए हर गतिविधि रिकॉर्ड की जा रही है। जल्द ही एक बड़ा टॉवर स्थापित किया जाएगा जिसमें कैमरा लगाकर रिकॉर्डिंग व वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
राममंदिर निर्माण का कार्य आरंभ 5 अगस्त 2020 को पीएम नरेंद्र मोदी ने भूमिपूजन कर किया था। सबसे पहले मंदिर की 50 फीट गहरी नींव तैयार की गई। नींव के ऊपर रॉफ्ट की ढलाई की गई। रॉफ्ट के ऊपर प्लिंथ ढालने का काम जनवरी माह में शुरू हुआ था।