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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: 'टिन्नू के इशारे पर काम करते थे गणनाकर्मी, वो ही...', अनिल मिश्रा ने स्वीकार की ये बात

Thu, 02 Jul 2026 08:09 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में एसआईटी अब ट्रस्ट के पांच साल के ऑडिट का ऑडिट करेगी। शुरुआती जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियों की आशंका को देखते हुए हर वित्तीय लेनदेन की बारीकी से तफ्तीश की जाएगी। एसआईटी को कुछ अहम साक्ष्य भी मिले हैं। जांच की जद में ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारी आ सकते हैं। 
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ram mandir ayodhya - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी के मामले में प्रतिदिन नए खुलासे हो रहे हैं। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंदिर ट्रस्ट द्वारा पिछले पांच साल में कराए गए ऑडिट की जांच का निर्णय लिया है। एसआईटी इस जांच में ऑडिट में मौजूद खामियों का पता लगाएगी। सूत्रों के अनुसार, इसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों की आशंका जताई जा रही है।

अब तक की जांच में एसआईटी को ऐसे कई सुबूत मिले हैं, जो गड़बड़ियों की ओर इशारा करते हैं। माना जा रहा है कि इन सुबूतों से अनिल मिश्रा, गोपाल राव और चंपत राय की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एसआईटी के तीन वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक रेंज लखनऊ किरन एस और विशेष वित्त सचिव नील रतन शामिल हैं, बृहस्पतिवार को एक बैठक कर सकते हैं।

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रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
इस बैठक के बाद वे अयोध्या के लिए रवाना होंगे। सूत्रों के मुताबिक, अनिल मिश्रा ने पूछताछ के दौरान पूरा ठीकरा गणनाकर्मी टिन्नू यादव पर फोड़ा है। उन्होंने दावा किया कि सभी गणनाकर्मी टिन्नू के इशारे पर ही काम करते थे। अनिल मिश्रा ने अपनी भूमिका को पूरी तरह से नकार दिया है।
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टिन्नू यादव को ले जाते पुलिसकर्मी। - फोटो : amar ujala
आपको बता दें कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में एसआईटी अब ट्रस्ट के पांच साल के ऑडिट का ऑडिट करेगी। शुरुआती जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियों की आशंका को देखते हुए हर वित्तीय लेनदेन की बारीकी से तफ्तीश की जाएगी। एसआईटी को कुछ अहम साक्ष्य भी मिले हैं। जांच की जद में ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारी आ सकते हैं। 

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टिन्नू यादव के घर पहुंची पुलिस। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
निर्माण कार्यों की भी जांच होगी। यही वजह है कि शासन ने बुधवार को एसआईटी जांच का समय दो सप्ताह बढ़ा दिया है। एसआईटी अब 15 जुलाई को रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। दरअसल, एसआईटी ने प्रारंभिक जांच में आपराधिक पहलू की जांच की है।
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स्वर्गद्वार मोहल्ले में आरोपी रमाशंकर यादव टिन्नू के आवास पर मौजूद पुलिस बल।
इसी आधार पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। एसआईटी ने वहां की खामियों के साथ मंदिर की सुरक्षा और गणना प्रक्रिया की लापरवाही को जांच में शामिल किया। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी से जुड़े अधिकारी लगातार अयोध्या में हैं और साक्ष्य जुटा रहे हैं। 
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अयोध्या का राम मंदिर। - फोटो : amar ujala
विस्तृत रिपोर्ट खोलेगी परतें
सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट के लिए सबसे बड़ी मुसीबत दान किए गए जेवरात का ब्योरा देने में होगी। क्योंकि ट्रस्ट ने इसका ऑडिट ही नहीं कराया है। ऐसे में ट्रस्ट क्या तर्क देगा, ये समय बताएगा।
 
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राम मंदिर परिसर
वहीं, निर्माण कार्य में कमीशन के भी आरोप हैं। इसमें अनिल मिश्रा पर शिकंजा कस सकता है। ऑडिट रिपोर्ट में खामियों की चर्चा पहले भी रही है, लिहाजा विस्तृत रिपोर्ट उसकी और परतें खोलेगी।

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राम मंदिर
अविनाश के कमरे से मिला रामराज्य कोष लिखा संदूक
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी अविनाश शुक्ला के कौशलपुरी स्थित श्याम साधनालय योग केंद्र में उसके कमरे से रामराज्य कोष लिखा एक संदूक मिला है। उस पर क्यूआर कोड भी लगा है।

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राम मंदिर
पुलिस और जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि इस संदूक में जमा होने वाला धन कहां से आता था और उसका राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण से कोई संबंध है या नहीं। अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि संदूक से कोई नकदी बरामद हुई या नहीं। पुलिस क्यूआर कोड से लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है। 

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राम मंदिर
लवकुश व करुणेश के घर छापे नकदी-जेवर व दस्तावेज बरामद
चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने बुधवार को आरोपी लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय के पैतृक घरों पर छापा मारा। करीब तीन घंटे चली छानबीन के दौरान परिवार वालों के बयान भी दर्ज किए। सूत्र बताते हैं कि घरों से नकदी, जेवर और संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। 

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राम मंदिर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस दोनों के माता-पिता को साथ लेकर गई। प्रकरण में आठ आरोपी जेल में हैं। इन सभी से पुलिस ने मंगलवार को पूछताछ की थी। सूत्रों के मुताबिक लवकुश व करुणेश ने कुछ अहम जानकारियां दी थीं। उन्होंने बताया था कि चोरी की रकम उनके घरों में रखी है। इसलिए पुलिस ने बुधवार को उनके घरों पर एक साथ छापा मारा। 

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राम मंदिर
लवकुश का घर अयोध्या के रुदौली क्षेत्र और करुणेश का खंडासा में हैं। सूत्रों का दावा है कि दोनों के घरों से नकदी और जेवर मिले हैं। पुलिस जांच के लिए संपत्तियों के दस्तावेज भी कब्जे में लिए हैं। 

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चंपत राय और अनिल मिश्रा - फोटो : PTI
अनिल ने टिन्नू पर फोड़ा ठीकरा
सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में अनिल मिश्रा ने पूरा ठीकरा टिन्नू यादव पर फोड़ा है। कहा, गणनाकर्मी टिन्नू के इशारे पर काम करते थे। अनिल ने अपनी भूमिका पूरी तरह से नकार दी है। सूत्रों का कहना है कि अनिल से जब ये पूछा गया कि जब मंदिर प्रबंधन में आपका दखल था तो कैसे करोड़ों पार हो गए और भनक नहीं लगी। इस पर अनिल ने कहा कि ट्रस्ट ने ही चोरी पकड़ी। जैसे ही पता चला कि जांच शुरू हुई और फिर एसआईटी की मांग की गई। निगरानी में चूक होने की बात अनिल ने स्वीकारी। अनिल तमाम सवालों के जवाब नहीं दे पाए। वहीं गोपाल राव के भी जल्द बयान दर्ज किए जा सकते हैं।

 

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चंपत राय और अनिल मिश्रा - फोटो : अमर उजाला
संघ की रिपोर्ट तैयार, आला कमान को भेजा गया फीडबैक
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण से उपजे हालात को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) भी सक्रिय है। सूत्रों के अनुसार, संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने लगभग एक सप्ताह तक अयोध्या में प्रवास कर पूरे घटनाक्रम का फीडबैक लिया। इस दौरान उन्होंने साधु-संतों, सामाजिक संगठनों, स्थानीय नागरिकों और राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े विभिन्न पक्षों से बातचीत कर स्थिति का आकलन किया। बताया जा रहा है कि इस आधार पर तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट संघ के शीर्ष नेतृत्व को भेज दी गई है।

 

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राम मंदिर
सूत्रों के मुताबिक, राम मंदिर में चढ़ावे की गणना और प्रबंधन से जुड़ी कथित अनियमितताओं के सामने आने के बाद संघ ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया। इसी क्रम में क्षेत्र प्रचारक अनिल, प्रांत प्रचारक कौशल सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी अयोध्या पहुंचे। आधिकारिक तौर पर उनका दौरा संघ के एक वर्ग कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बताया गया, लेकिन प्रवास के दौरान उन्होंने विभिन्न स्तरों पर लोगों से मुलाकात कर फीडबैक भी जुटाया।

 

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अयोध्या - फोटो : amar ujala
बताया जाता है कि इस दौरान संत समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों, रामभक्तों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्थानीय नागरिकों और मंदिर व्यवस्था से जुड़े जानकारों से अलग-अलग बातचीत की गई। बातचीत के दौरान यह जानने का प्रयास किया गया कि चढ़ावा प्रकरण को लेकर उनकी क्या राय है और राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली के प्रति उनकी क्या धारणा बनी है।

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राम मंदिर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर चर्चा
सूत्रों के अनुसार, फीडबैक के दौरान ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था, कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, चढ़ावे की गणना प्रक्रिया और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सभी प्रतिक्रियाओं और तथ्यों को संकलित कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसे संघ के शीर्ष नेतृत्व को भेजा गया है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर संगठन स्तर पर आगे आवश्यक सुझाव या निर्णय लिए जा सकते हैं।

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राममंदिर का परिसर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
6 जुलाई को ट्रस्ट की अहम बैठक
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद पहली बार 6 जुलाई श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक होगी। इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर अंतिम निर्णय ट्रस्ट के बायलॉज के अनुसार वोटिंग से होगा। इस्तीफा स्वीकार करने के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होगा।



 

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राम मंदिर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ट्रस्ट के बायलॉज में किसी पदाधिकारी को सिर्फ उसके पद एवं दायित्व से मुक्त करने का प्रावधान है। यदि चंपत राय को महासचिव पद से हटाया भी जाता है तो वे ट्रस्ट के सदस्य बने रहेंगे। यही व्यवस्था अन्य पदाधिकारियों पर भी लागू होती है। वर्तमान में ट्रस्ट के 14 सदस्यों में से दो सदस्य इस्तीफा दे चुके हैं। ऐसे में बैठक में 12 ट्रस्टियों की राय ली जाएगी।
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राम मंदिर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्व की बैठकों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भैयाजी जोशी और विश्व हिंदू परिषद के दिनेश चंद्र आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल होते रहे हैं। इस बार भी उनके शामिल होने की संभावना है। विहिप के राष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा और केंद्रीय संगठन मंत्री मिलिंद परांडे को भी आमंत्रित सदस्य के रूप में बुलाया जा सकता है। यदि उन्हें मतदान का अधिकार दिया जाता है तो उनकी भूमिका भी निर्णायक होगी।
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