राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला को लेकर एक और बड़ा खुलासा हुआ है। अविनाश ने पहले महिला मित्र पर रुपये लुटाए अब उससे शादी टूटने की चर्चा है। चढ़ावा चोरी के आरोपी अविनाश ने महिला मित्र को करीब ढाई लाख रुपये दिए थे साथ ही महंगा मोबाइल फोन भी गिफ्ट किया था।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला ने जिस महिला मित्र को रुपये और महंगे मोबाइल फोन गिफ्ट किया था, उसी से उसकी शादी की भी चर्चा थी। इधर, चर्चा है कि चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार होने के बाद अब महिला ने भी मुंह मोड़ लिया है और उसकी शादी टूटने की बात सामने आ रही है।
राम मंदिर में गणना कार्य में लगे आरोपी अविनाश शुक्ला को भी गिरफ्तार किया गया है उसे सबसे पहले कस्टडी डिमांड पर बाहर लाया गया था गिरफ्तारी के समय ही उसी के पास से सर्वाधिक 20.39 लख रुपये बरामद हुए थे।
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अविनाश शुक्ला की कहानी।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
चर्चा है कि कस्टडी डिमांड के दौरान भी 19 लाख रूपयों का और पता चला था वही यह बात भी सामने आई थी कि उसने एक महिला मित्र को लगभग ढाई लाख रुपये दिए थे व एक महंगा मोबाइल फोन भी गिफ्ट किया था बाद में पता चला कि इसी महिला से उसकी शादी भी होने वाली थी।
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पुलिस रिमांड पर जेल से बाहर आते आरोपी
- फोटो : संवाद
सूत्रों के अनुसार चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तारी के बाद दोनों के रिश्ते में दरार आने और शादी की बातचीत टूटने की चर्चा है। हालांकि इस बात की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही पुलिस या संबंधित पक्ष की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि की गई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि अविनाश के निजी खर्च, उपहार और वित्तीय लेनदेन इस पूरे मामले की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकते हैं।
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पुलिस रिमांड पर जेल से बाहर आते आरोपी करुणेश, अनुकल्प व लवकुश।
- फोटो : संवाद
चढ़ावा चोरी : रिश्तेदारों के खातों से सफेद करते थे चोरी की रकम
पुलिस की पूछताछ में तीनों आरोपियों ने उगले राज रुपयों के बंटवारे वाले ठिकाने का कराया सत्यापन
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में रिमांड पर लिए गए तीनों आरोपियों ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है। आरोपियों ने बताया कि चोरी के रुपये वह अपने करीबियों और रिश्तेदारों को भेजते थे और उनसे अपने खातों में रकम ट्रांसफर करवाते थे ताकि रकम का स्रोत छिपा रहे और शक न हो। बैंक डिटेल से इसकी पुष्टि भी हुई है।
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी का आरोपी अविनाश।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
पूछताछ में तीनों आरोपियों अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय ने कई राज उगले हैं। बृहस्पतिवार को रकम, जेवर आदि की बरामदगी हो सकती है। कोर्ट की अनुमति के बाद पुलिस ने बुधवार सुबह करीब सात बजे जिला जेल से आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लिया।
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रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
पूछताछ में आरोपियों ने चढ़ावा चोरी की बात स्वीकारते हुए बताया कि टिन्नू व गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव की मिलीभगत होने से रकम पार करने में दिक्कत नहीं होती थी। नकदी व जेवर छिपाकर रखे हैं। वहीं, पुलिस की टीम देर रात लवकुश को लेकर उसके रुदौली के ठाकुरन फगौली गांव पहुंची और घर की तलाशी ली। हालांकि, बरामदगी की जानकारी का खुलासा नहीं किया गया है।
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टिन्नू यादव को ले जाते पुलिसकर्मी।
- फोटो : amar ujala
पूछताछ से जांच की दिशा सीधे चोरी की रकम की बरामदगी की ओर बढ़ गई है। पुलिस तीनों आरोपियों को 14 कोसी परिक्रमा मार्ग स्थित उसी बाग में लेकर गई जहां चोरी की रकम का बंटवारा होता था। इस स्थान का खुलासा पहले कस्टडी रिमांड पर रहे आरोपी अविनाश शुक्ला ने किया था। बुधवार को तीनों आरोपियों को मौके पर ले जाकर इसका सत्यापन कराया गया। पुलिस ने वहां घटनाक्रम को दोबारा समझने के साथ आरोपियों के बयानों का मिलान भी किया।
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राम मंदिर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनको पता था कि वह पकड़े नहीं जाएंगे। इसलिए बेफिक्री से चोरी करते थे। वह कोशिश करते थे कि एक बार में अधिक से अधिक रकम ले जाएं। आरोपियों ने स्वीकारा कि ट्रस्ट के पदाधिकारियों की सिफारिश से ही उनको नौकरी मिली थी। इसमें अनिल मिश्रा का नाम सामने आया।
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राम मंदिर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपियों व परिजनों के 30 बैंक खाते फ्रीज
आरोपियों और उनके परिजनों के करीब 30 बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। पुलिस ने संबंधित बैंकों से इन खातों का पूरा ब्योरा जुटाया है जिसमें आय से अधिक लेनदेन मिले हैं। जांच पूरी होने तक ये खाते फ्रीज रहेंगे। पुलिस ने इन तथ्यों को सुबूत के तौर पर जांच में शामिल किया है।
फर्जी रसीदें छपवाई थीं
आरोपियों के पास से दान राशि की फर्जी रसीद भी मिली है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन लोगों ने यह फर्जी रसीदें छपवाई थीं। लोगों से चंदे के नाम पर रकम लेकर फर्जी रसीद पकड़ा देते थे और रकम अपनी जेब में रख लेते थे।