सांकेतिक तस्वीर
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इतना ही नहीं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी माना है कि पुलिस मुठभेड़ों को लेकर आने वाली शिकायतों में यूपी देश में आंध्र प्रदेश के बाद दूसरे नंबर है। आयोग ने इनमें से कई मामलों में पीड़ित परिजनों को हर्जाना भी दिलाया है। जिन पीड़ितों को आयोग ने हर्जाना दिलाया उनमें बदायूं के ब्रिजपाल शाक्य, बुलंदशहर के कुलदीप सिंह, मथुरा के सलीम, लखनऊ की कुरैशा बेगम, शमा परवीन व शहीन जहां आदि शामिल हैं।