सभी मान्यता प्राप्त स्थायी विद्यालयों व जूनियर हाईस्कूलों को अनुदान सूची पर लेने सहित अन्य मांगों को लेकर विधानसभा घेरने के लिए बापू भवन के पास एकत्र हुए सैंकड़ों सीनियर बेसिक शिक्षकों को पुलिस ने जबरन बसों में लादकर रमाबाई रैली स्थल छोड़ दिया।
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सीनियर बेसिक शिक्षक संघ अध्यक्ष अवधेश कुमार मिश्र ने कहा कि सपा ने अपने घोषणा-पत्र में वर्ष 2006 में अनुदानित विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मियों को पुरानी पेंशन देने का वादा किया था, लेकिन पूरा नहीं किया।
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वहीं, नियमितीकरण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे स्ववित्तपोषित शिक्षकों पर लाठीचार्ज और उनको जेल भेजे जाने के विरोध में अनुदानित महाविद्यालय, विश्वविद्यालय स्ववित्तपोषित अनुमोदित शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने सोमवार को लक्ष्मण मेला मैदान में धरना दिया।
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संघ के महामंत्री डा एसके शुक्ला ने बताया कि उच्च शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद भी 15 दिन बीत जाने पर भी मांग पूरी न होने पर जब शिक्षक शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे, तभी पुलिसकर्मियों ने उन पर लाठीचार्ज कर सड़कों पर घसीटा।
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उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा मंत्री शारदा प्रताप शुक्ला ने धरना स्थल पर पहुंच कर मामले की जानकारी ली और मंगलवार को सत्र में उठाने का आश्वासन दिया।
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प्रांतीय रक्षक दल संघ के आह्वान पर लक्ष्मण मेला मैदान में जुटे सैकड़ों पीआरडी जवानों ने राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग की।
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धरने के दौरान प्रदेश अध्यक्ष जगत लाल यादव ने कहा कि पीआरडी जवानों को भी पुलिस व पीएसी की तरह समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाना चाहिए। जब तक समान वेतन नहीं मिलता तब तक नियमित डयूटी कर 15 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय तथा 10 लाख का दुर्घटना बीमा करवाया जाए।
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उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर पीआरडी जवानों को पूर्व की भांति गृह विभाग से जोड़ने की भी मांग की। इस मौके पर प्रदेश महामंत्री ठाकुर प्रसाद पांडेय भी मौजूद रहे।
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समाजवादी स्वास्थ्य एंबुलेंस कर्मियों ने लगाया शोषण का आरोप 108 और 102 समाजवादी स्वास्थ्य एंबुलेंस इमरजेंसी सेवा के स्टाफ ने निजी कंपनी पर शोषण करने का आरोप लगाया। एंबुलेंस ड्राइवर और टेक्नीशियन कल्याण समिति के बैनर तले लक्ष्मण मेला मैदान में जुटे एंबुलेंस स्टाफ ने कंपनी का ठेका निरस्त कर इसे स्वास्थ्य विभाग के अधीन करने की मांग की।
समिति की अध्यक्ष प्रिया उमराव ने कहा कि श्रम कानून के मुताबिक आठ घंटे की ड्यूटी होने के बाद भी 12 घंटे काम लिया जा रहा है। इसके अलावा, एंबुलेंस खराब होने पर कर्मियों से पैसा भी वसूला जाता है। उन्होंने एंबुलेंस स्टाफ को नियमित करने की मांग की।