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‘आजम खां की भैंस मिल जाती है, हत्यारे नहीं मिलते?’

Fri, 06 Feb 2015 09:56 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लख्ानऊ
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लॉ की छात्रा गौरी श्रीवास्तव की नृशंस हत्या को लेकर छात्राओं से लेकर महिला संगठनों का गुस्सा बृहस्पतिवार को राजधानी की सड़कों पर नजर आया। इसकी चपेट में जिला प्रशासन और पुलिस दोनों के अधिकारी आए।
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‘आजम खां की भैंस मिल जाती है, हत्यारे नहीं मिलते?’

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लॉरेटो कॉन्वेंट और सेंट एग्नेस स्कूल की शिक्षिकाओं, छात्राओं और उनके अभिभावकों ने जीपीओ स्थिति गांधी प्रतिमा पर धरना देकर विरोध प्रदर्शन की शुरुआत की।
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लॉरेटो कॉन्वेंट कॉलेज की छात्राओं ने कॉलेज की स्टूडेंट रही गौरी को न्याय दिलाने की मांग करते हुए हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर धरना दिया।

‘आजम खां की भैंस मिल जाती है, हत्यारे नहीं मिलते?’

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जस्टिस फॉर गौरी के नारे लगाते और हाथों में तख्तियां ली गईं  छात्राओं के साथ सभी ने मिलकर डीएम आवास की ओर कूच किया। इस दौरान हजरतगंज से डीएम आवास तक ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हुई। पुलिस और ट्रैफिक पुलिस व्यवस्थाएं बनाते और प्रदर्शनकारियों के लिए मार्ग बनाते साथ रहे।
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लॉरेटो कॉन्वेंट कॉलेज की छात्राओं ने कॉलेज की स्टूडेंट रही गौरी को न्याय दिलाने की मांग करते हुए हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर धरना दिया। इसके बाद वे मार्च करते हुए डीएम आवास पर पहुंचीं और वहां घेराव कर डाला।
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अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग करती गौरी का मां तृप्ता। तृप्ता ने भी महिला संगठनों के साथ विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।
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आखिर छलक ही पड़े आंसू। अपनी बेटी के लिए न्याय कर मांग कर रही मां तृप्ता अपने आंसूओं को रोक नहीं पाई।

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एक महिला ने कुछ इस तरह दिखाया अपना विरोध। 'मां मुझे कोख में ही मार देना दुनिया में हम सुरक्षित नहीं है।' इस तरह के संदेशों ने सोचने पर मजबूर कर दिया।

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डीएम आवास को घेरकर छात्राओं ने जबर्दस्त नारे लगाए। जिला प्रशासन व लखनऊ पुलिस अधिकारियों ने उन्हें हटाने की कोशिश की तो छात्राएं डीएम से मिलने के लिए अड़ गईं।
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‘आजम खां की भैंस मिल जाती है, हत्यारे नहीं मिलते?’ डीएम से बातचीत के दौरान भी छात्राओं का गुस्सा पूरे उफान पर था। राजशेखर ने तीन दिन के भीतर हत्यारों को गिरफ्तार कर लिए जाने का भरोसा दिया।
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