देश में असहिष्णुता व अघोषित आपातकाल का आरोप लगाते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के लोगों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जेएनयू के छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया लाल की रिहाई की मांग की।
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हिटलर की औलादों को एक और धक्का दो, तस्वीरें
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कैसरबाग स्थित भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी कार्यालय से हजरतगंज स्थित डा. अंबेडकर प्रतिमा तक लोकतंत्र बचाओ मार्च निकला गया।
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मार्च में शामिल लोगों का कहना था कि रोहित वेमुला मामले से लोगों का ध्यान हटाने के लिए सरकार शिक्षण संस्थाओं को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि रोहित वेमुला की आत्महत्या के गुनहगार लोगों को गिरफ्तार किया जाए।
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सीपीआईएमएल के नेता रमेश सिंह सेंगर ने कहा कि नाथूराम गोडसे को शहीद मानने वाले आज देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांट रहे हैं।
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प्रदर्शनकारी 'हिटलर की औलादों को एक और धक्का दो', जैसे नारे लिखे हुए थे।
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प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी करती माकपा पोलित ब्यूरो की सदस्य सुभाषिनी अली व अन्य।
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जेएनयू मामले पर देश भर में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं।